15 नवंबर 2020 को, 15 एशिया-प्रशांत देशों ने क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (RCEP) समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह दुनिया का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार क्षेत्र बन गया, जिसमें वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 30% और दुनिया की एक-तिहाई आबादी शामिल है। इस समझौते का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच व्यापार बाधाओं को कम करना, आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करना और क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देना था। भारत ने शुरू में समझौते से बाहर रहने का फैसला किया था, लेकिन भविष्य में शामिल होने की संभावना बनी रही।




