खेल | ABC NATIONAL NEWS | चंडीगढ़ | 28 मई 2026
एलिमिनेटर में राजस्थान का दमदार प्रदर्शन, लेकिन सफर अभी बाकी
Rajasthan Royals ने आईपीएल 2026 के एलिमिनेटर मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए Sunrisers Hyderabad को 47 रनों से हराकर टूर्नामेंट में अपनी उम्मीदें जिंदा रखीं। रियान पराग की कप्तानी वाली राजस्थान ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतरीन खेल दिखाया और हैदराबाद को पूरी तरह दबाव में रखा। इस बड़ी जीत के बाद राजस्थान के प्रशंसकों में जबरदस्त उत्साह दिखाई दिया, लेकिन इसके बावजूद टीम को सीधे फाइनल का टिकट नहीं मिल सका। यही बात कई क्रिकेट फैंस के लिए हैरानी का विषय बनी हुई है कि इतनी बड़ी जीत के बाद भी राजस्थान को अभी एक और कठिन मुकाबला खेलना होगा।
क्यों नहीं मिला डायरेक्ट फाइनल का टिकट?
आईपीएल के प्लेऑफ नियमों के अनुसार केवल क्वालीफायर-1 जीतने वाली टीम को सीधे फाइनल में प्रवेश मिलता है। इस बार Royal Challengers Bengaluru ने क्वालीफायर-1 जीतकर सीधे फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली थी। वहीं एलिमिनेटर मुकाबला पॉइंट्स टेबल में तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाली टीमों के बीच खेला जाता है। एलिमिनेटर जीतने वाली टीम को भी फाइनल में पहुंचने के लिए एक अतिरिक्त मुकाबला यानी क्वालीफायर-2 खेलना पड़ता है। इसी कारण राजस्थान की जीत के बावजूद उसका फाइनल का रास्ता अभी पूरी तरह साफ नहीं हुआ है।
अब गुजरात टाइटंस से होगी सबसे बड़ी टक्कर
राजस्थान रॉयल्स को अब क्वालीफायर-2 में Gujarat Titans का सामना करना होगा। यह मुकाबला राजस्थान के लिए सीजन की सबसे बड़ी परीक्षा माना जा रहा है क्योंकि इस मैच में हारने वाली टीम का सफर यहीं समाप्त हो जाएगा, जबकि जीतने वाली टीम फाइनल में पहुंचकर आरसीबी से भिड़ेगी। क्वालीफायर-2 को क्रिकेट की भाषा में “करो या मरो” का मुकाबला कहा जाता है क्योंकि यहां कोई दूसरा मौका नहीं मिलता। राजस्थान के लिए यह मैच केवल जीत का नहीं बल्कि पूरे सीजन की मेहनत को फाइनल तक पहुंचाने का आखिरी अवसर होगा।
रियान पराग की कप्तानी पर टिकी होंगी निगाहें
इस सीजन में रियान पराग ने कप्तान के रूप में जिस तरह टीम को संभाला है, उसने कई आलोचकों को चुप करा दिया है। युवा कप्तान के रूप में उन्होंने आक्रामक रणनीति, खिलाड़ियों पर भरोसा और दबाव में शांत निर्णय लेने की क्षमता दिखाई है। एलिमिनेटर मुकाबले में भी उनकी कप्तानी की काफी सराहना हुई। अब क्वालीफायर-2 में उनकी रणनीति और नेतृत्व सबसे अहम भूमिका निभाएंगे। गुजरात जैसी मजबूत टीम के खिलाफ कप्तानी का हर फैसला मैच का रुख बदल सकता है।
वैभव सूर्यवंशी और राजस्थान की युवा ताकत बनी सबसे बड़ी उम्मीद
इस सीजन में राजस्थान रॉयल्स की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा बल्लेबाजी रही है। खासकर 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। उनकी आक्रामक शुरुआत ने कई मैचों में राजस्थान को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। इसके अलावा टीम के अन्य बल्लेबाजों और गेंदबाजों ने भी महत्वपूर्ण मौकों पर योगदान दिया है। अब टीम चाहेगी कि क्वालीफायर-2 में भी यही युवा जोश और आक्रामकता बरकरार रहे।
गुजरात टाइटंस भी आसान प्रतिद्वंदी नहीं
दूसरी ओर Gujarat Titans भी बेहद संतुलित और खतरनाक टीम मानी जा रही है। उनकी बल्लेबाजी, डेथ ओवर गेंदबाजी और बड़े मैचों का अनुभव राजस्थान के लिए चुनौती बन सकता है। गुजरात पहले भी दबाव वाले मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन कर चुकी है और टीम के कई खिलाड़ी मैच का रुख अकेले बदलने की क्षमता रखते हैं। इसलिए क्वालीफायर-2 केवल एक सामान्य मैच नहीं बल्कि दो मजबूत टीमों के बीच मानसिक और रणनीतिक लड़ाई भी होगी।
न्यू चंडीगढ़ में होगा हाई-वोल्टेज मुकाबला
राजस्थान और गुजरात के बीच दूसरा क्वालीफायर 29 मई को न्यू चंडीगढ़ में खेला जाएगा। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें इस मुकाबले पर टिकी हुई हैं क्योंकि यहीं तय होगा कि आईपीएल 2026 के फाइनल में आरसीबी के खिलाफ कौन उतरेगा। स्टेडियम में भारी भीड़ और करोड़ों दर्शकों के बीच यह मुकाबला सीजन के सबसे रोमांचक मैचों में शामिल हो सकता है।
क्या राजस्थान जीत पाएगी आखिरी जंग?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या राजस्थान रॉयल्स इस आखिरी जंग को जीतकर फाइनल में पहुंच पाएगी? टीम ने एलिमिनेटर में शानदार प्रदर्शन जरूर किया है, लेकिन आईपीएल के प्लेऑफ में हर मैच का दबाव अलग होता है। एक छोटी गलती पूरे सीजन की मेहनत खत्म कर सकती है। वहीं अगर राजस्थान जीत जाती है तो यह टीम लगातार संघर्ष और युवा ऊर्जा के दम पर फाइनल तक पहुंचने वाली सबसे प्रेरणादायक कहानियों में शामिल हो जाएगी।




