राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 2 अप्रैल 2026
देश की राजनीति में एक बार फिर 2018 के एससी/एसटी एक्ट आंदोलन का मुद्दा गर्मा गया है। Rahul Gandhi ने प्रधानमंत्री Narendra Modi को पत्र लिखकर उस दौरान दलित और आदिवासी युवाओं पर दर्ज मामलों को वापस लेने की मांग की है।
राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा है कि 2 अप्रैल 2018 को एससी/एसटी एक्ट में कथित कमजोर किए जाने के खिलाफ देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे, जिसमें 14 दलित युवाओं की मौत हो गई थी। उन्होंने लिखा कि बाद में संसद ने SC/ST (Prevention of Atrocities) Amendment Act, 2018 पास कर कानून को फिर मजबूत किया और Supreme Court of India ने भी इस संशोधन को बरकरार रखा।
इसके बावजूद, राहुल गांधी ने कहा कि उस समय आंदोलन में शामिल कई निर्दोष दलित और आदिवासी युवाओं पर आज भी केस दर्ज हैं, जो उनके भविष्य पर भारी पड़ रहे हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि इन मामलों की समीक्षा कर उन्हें वापस लिया जाए और युवाओं को लंबी कानूनी प्रक्रिया से राहत दी जाए।
राहुल गांधी ने अपने पत्र में यह भी लिखा कि कई प्रभावित युवा पहली पीढ़ी के शिक्षित हैं और इन मामलों के चलते उनकी पढ़ाई, नौकरी और भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि संवेदनशीलता और न्याय के साथ इस मुद्दे का समाधान निकाला जाए।
पत्र में प्रधानमंत्री से “गांधीवादी रास्ता” अपनाने की अपील करते हुए कहा गया है कि सहानुभूति और करुणा के साथ फैसला लिया जाए, ताकि युवाओं का भविष्य सुरक्षित रह सके।
इस पूरे मुद्दे ने एक बार फिर सामाजिक न्याय, संवैधानिक अधिकारों और सरकारी जिम्मेदारी को लेकर बहस तेज कर दी है। अब नजरें केंद्र सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।




