सरोज सिंह | बेगूसराय, बिहार 2 नवंबर 2025
नेता विपक्ष राहुल गांधी ने आज बेगूसराय में मछुआरा समुदाय से मुलाकात की और उनकी समस्याओं, संघर्षों और जीवन से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस दौरान VIP पार्टी के अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री पद के दावेदार मुकेश सहनी उनके साथ मौजूद रहे। राहुल गांधी ने तालाब किनारे मछली पकड़ते हुए मछुआरों के साथ संवाद किया और कहा कि “बिहार की नदियां, नहरें और तालाब सिर्फ जलस्रोत नहीं हैं, बल्कि यहां की आत्मा हैं — और इन जलस्रोतों में जीवन बसाने वाले मछुआरे बिहार की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।”
राहुल गांधी ने कहा कि आज मछुआरा समुदाय मेहनत, हुनर और ईमानदारी का प्रतीक है, लेकिन उन्हें वह सम्मान और सुरक्षा कभी नहीं मिली जिसकी वे हकदार हैं। उन्होंने कहा, “मैं आपके साथ हूं, आपकी आवाज दिल्ली तक पहुंचाऊंगा। आपके अधिकार और सम्मान के लिए हर कदम पर लड़ूंगा।”
मुकेश सहनी ने कहा कि महागठबंधन सरकार बनते ही मछुआरों के जीवन में ठोस बदलाव लाया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि सरकार बनने के बाद लीन सीजन यानी जून, जुलाई और अगस्त के दौरान हर मछुआरे परिवार को ₹5,000 प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही मछुआरों को “निषाद सुरक्षा कार्ड” के तहत ₹5 लाख तक का बीमा भी दिया जाएगा।
महागठबंधन ने अपने वादे में कहा है कि राज्य के हर प्रखंड में मत्स्य प्रशिक्षण केंद्र, मछली बाजार और अनुदान योजनाएं शुरू की जाएंगी ताकि मछुआरा समुदाय आत्मनिर्भर बन सके। साथ ही सुसंगत जलाशय नीति के अंतर्गत नदियों और तालाबों का पुनर्जीवन किया जाएगा और उनके आवंटन में परंपरागत मछुआरों को प्राथमिकता दी जाएगी।
राहुल गांधी ने कहा, “आज मछुआरे सिर्फ मछली नहीं पकड़ते, वे बिहार की उम्मीदों को थामे हुए हैं। हमारी सरकार आने के बाद उनके संघर्ष को पहचान और सुरक्षा दोनों दी जाएगी।” बेगूसराय की यह बैठक सिर्फ एक चुनावी कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक न्याय और आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाया गया एक मजबूत कदम साबित हुई।





