राहुल गांधी ने BJP-ECI की ‘वोट लूट फैक्ट्री’ का किया पर्दाफाश, 25 लाख फर्जी वोट
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आज दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को झकझोर देने वाला खुलासा किया और भाजपा तथा चुनाव आयोग पर खुलकर सबसे बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हरियाणा में हुआ चुनाव जनता का फैसला नहीं था, बल्कि एक सुनियोजित “ऑपरेशन वोट चोरी” का नतीजा था। राहुल ने दस्तावेज़ी सबूत लहराते हुए दावा किया कि कांग्रेस पार्टी हरियाणा में चुनाव जीत चुकी थी, लेकिन भाजपा ने रणनीतिक और डिजिटल जाल बिछाकर सत्ता को चुरा लिया। उन्होंने इस सरकार को सीधा-सीधा “अवैध सरकार” कहा और जोर देकर कहा कि इस चोरी को रोकने की बजाय चुनाव आयोग ने आंखें मूंद लीं, क्योंकि पूरा खेल केंद्र की मदद से चलाया जा रहा था।
राहुल गांधी ने बताया कि हरियाणा में लाखों फर्जी वोटर बनाए गए, जिनकी पहचान धुंधली तस्वीरों, आम नामों और एक ही फोटो को कई बूथों पर चिपकाने के जरिए छुपाई गई। उन्होंने कहा कि यह खेल बूथ स्तर पर नहीं, बल्कि ऊपर बैठी कोई “केंद्रीकृत चुनावी मशीनरी” चला रही है। राहुल ने एक-एक उदाहरण देकर समझाया कि कैसे “ममता”, “दुर्गा”, “संगीता” जैसे साधारण नामों के पीछे असल में फर्जी वोटिंग का पूरा नेटवर्क काम कर रहा है। एक ही फोटो 223 वोट डाल देती है। एक ही आदमी 14 बार वोट डाल आता है। दो भाई 18-18 बार वोट कर जाते हैं। और यह सब डेटा में एक सेकंड के अंदर पकड़ा जा सकता है, मगर चुनाव आयोग यह काम जानबूझकर नहीं करता! राहुल गांधी ने गरजते हुए कहा — “क्यों नहीं करता? जवाब साफ है — वे भाजपा की मदद कर रहे हैं!”
उन्होंने बताया कि हरियाणा में कुल 25,41,144 फर्जी वोटों का संगठित नेटवर्क पकड़ा गया है। इनमें 5,21,619 डुप्लीकेट वोट, 93,174 फर्जी पते, 19,26,351 सामूहिक वोट शामिल हैं। राहुल ने कहा कि यह संख्या और बड़ी हो सकती है, क्योंकि चुनाव आयोग ने अब कांग्रेस को Form-6 और Form-7 के डाटा तक पहुंच ही नहीं करने दी, ताकि वे दस्तावेजों से चोरी पकड़ने में पूरी तरह सफल न हो जाएँ। यह आंकड़ा हरियाणा की कुल मतदाता संख्या का 12.7% है — यानी हर आठ में एक वोटर नकली! और इसके बावजूद कांग्रेस सिर्फ 22,779 वोट से पीछे रही। राहुल का तीखा सवाल — “जब जनता हमें जिता चुकी थी, तब भाजपा आखिर किस अधिकार से सरकार चला रही है?”
प्रेस कॉन्फ्रेंस का सबसे चौंकाने वाला हिस्सा तब आया, जब राहुल गांधी ने दिखाया कि हरियाणा की वोटर लिस्ट में एक विदेशी महिला — ब्राजील की मॉडल — को कई अलग नामों से दर्ज किया गया है, और उसने 10 बूथों पर 22 बार वोट डाला है। उन्होंने कहा कि यह साबित करता है कि यह कोई स्थानीय अनियमितता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर चलने वाला केंद्र-नियंत्रित अपराध है जिसका लक्ष्य लोकतंत्र को तोड़ देना है। उन्होंने सवाल उछाला — “आख़िर ब्राजील की महिला भारत के चुनाव में क्या कर रही है? और वह भी हरियाणा में?” उन्होंने इस पूरे केस को “इंटरनेशनल वोट फैक्ट्री” का प्रमाण बताया।
राहुल गांधी ने यह भी याद दिलाया कि हरियाणा के चुनाव में पोस्टल बैलट्स में कांग्रेस को 73 और भाजपा को सिर्फ 17 वोट मिले थे, यानी ईमानदार और निष्पक्ष वोटों में बाज़ी कांग्रेस की थी। फिर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के ज़रिये कैसे तस्वीर उलट गई? यह सवाल करते हुए उन्होंने कटाक्ष किया — “हरियाणा के मुख्यमंत्री को गिनती से दो दिन पहले ही कैसी ‘व्यवस्था’ मालूम थी, जो वह हंसते हुए जीत की भविष्यवाणी कर रहे थे?” राहुल ने कहा कि यह संयोग नहीं, यह लोकतंत्र को लूटने की पूर्व-नियोजित डील थी!
अख़बारों के कैमरों और तमाम चैनलों की मौजूदगी में राहुल गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे गुरु नानक जयंती के दिन सच और धर्म के रास्ते पर खड़े होकर यह लड़ाई लड़ने का प्रण लेते हैं। उन्होंने कहा — “भारत सत्य का देश है, और यह सरकार झूठ और धोखे की नींव पर बनी है। लोकतंत्र की यह लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर है — और हम इसे अंत तक लड़ेंगे, पूरे सबूतों के साथ। हरियाणा की चोरी रोकी जाएगी, और देश की आवाज़ वापस लाई जाएगी।” राहुल गांधी के इस खुलासे के बाद भारतीय राजनीति में भूचाल मचना तय है, क्योंकि सवाल अब सिर्फ हरियाणा की एक सरकार का नहीं — पूरे लोकतंत्र की साख का है।





