पटना/ मुजफ्फरपुर/ नई दिल्ली 25 अक्टूबर 2025
मोदी के भाषण पर तेजस्वी का तीखा हमला
महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि मोदी जी के भाषणों में न तो कोई सार्थकता है और न ही बिहार के लिए कोई सकारात्मक संदेश। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री हर बार बिहार आते हैं तो केवल राज्य की नकारात्मक छवि प्रस्तुत करते हैं। तेजस्वी ने कहा, “मोदी जी के कल के भाषण का हर शब्द सुनिए — उसमें न सार्थकता है, न सकारात्मकता, न बिहार के भविष्य की कोई बात। वे बिहार को केवल राजनीतिक मंच मानते हैं, विकास का केंद्र नहीं।”
गुजरात में विकास, बिहार में सिर्फ वादे
तेजस्वी यादव ने कहा कि मोदी और अमित शाह की विकास योजनाएं सिर्फ गुजरात तक सीमित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि “GIFT City, बुलेट ट्रेन, सेमीकंडक्टर फैक्ट्री, और SEZs जैसे सभी बड़े प्रोजेक्ट्स गुजरात में लगाए गए, जबकि बिहार को हर बार वादों का झुनझुना थमाया गया।”* उन्होंने कहा कि मोदी जी के नाम पर गुजरात में सबसे बड़ा स्टेडियम बनवाया गया, विदेशी निवेशकों की मीटिंग्स कराई गईं, और बड़ी कंपनियों को महाराष्ट्र से उठाकर गुजरात ले जाया गया, लेकिन बिहार के हिस्से में न तो कोई औद्योगिक योजना आई और न ही रोजगार की कोई पहल।
तेजस्वी ने चुनौती दी — “मोदी जी 11 साल से दिल्ली में और नीतीश जी 11 साल से बिहार में सत्ता में हैं। बताइए, इन वर्षों में बिहार को क्या दिया और गुजरात को क्या दिया? दोनों राज्यों का तुलनात्मक डेटा पेश कीजिए। बिहार की जनसंख्या इतनी है कि हर दसवां भारतीय बिहारी है, लेकिन आज भी बिहार को उसकी क्षमता के अनुसार सम्मान और संसाधन नहीं दिए जा रहे हैं।”
बिहार के युवाओं की नई सोच — विज़न, न कि वादे
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में बिहार के युवाओं को केंद्र में रखते हुए कहा कि राज्य के युवा अब मोदी सरकार की घिसी-पिटी राजनीति से ऊब चुके हैं। उन्होंने कहा, “देख लीजिए, बिहार के युवा सड़कों पर निकल चुके हैं। उन्हें अब बीते 20 सालों की जुमलेबाज़ी नहीं चाहिए। उन्हें आने वाले 20 वर्षों का विज़न चाहिए — रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास की ठोस योजना चाहिए।”
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा और नीतीश सरकार ने बिहार को जाति और धर्म के नाम पर बाँटने की राजनीति दी, जबकि युवाओं को न तो नौकरी मिली, न उद्योग। “बिहार के नौजवान अब छल-कपट की राजनीति नहीं चाहते। वे अब ‘नया बिहार’ बनाना चाहते हैं, जो विकास और समानता पर आधारित हो।”
“बिहार को लूटा गया, गुजरात को सजाया गया”
तेजस्वी ने मोदी सरकार पर सीधा आरोप लगाया कि बिहार से संसाधन छीनकर गुजरात को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “मोदी जी और अमित शाह बिहार में वोट चोरी करेंगे, सीटें लूटेंगे, लेकिन यहां उद्योग नहीं लगाएंगे। वे बिहार में आकर बिहारियों को ही आपस में डराने का काम करते हैं, लेकिन रोजगार, फैक्ट्री, या शिक्षा की बात नहीं करते। बिहार अब इनकी चाल और चालाकी को समझ चुका है।”
तेजस्वी ने कहा कि भाजपा के ‘डबल इंजन’ का फायदा सिर्फ गुजरात को मिला है। बिहार आज भी बेरोजगारी, पलायन और गरीबी का शिकार है। “अगर बिहार में उद्योग लगेंगे तो फिर गुजरात की फैक्ट्रियों में मजदूर कौन जाएगा? यही कारण है कि मोदी-नीतीश कभी बिहार में विकास की बात नहीं करते।”
शाही लीची से रोजगार की नई खुशबू
तेजस्वी यादव ने बिहार की कृषि और उत्पादकता को मजबूत करने के लिए ठोस वादा किया। उन्होंने कहा कि “मुजफ्फरपुर की शाही लीची” बिहार की पहचान है, लेकिन 20 साल की NDA सरकार ने इसके प्रचार और उत्पादन को बढ़ाने के लिए कुछ नहीं किया। उन्होंने घोषणा की कि उनकी सरकार बनने पर बिहार में प्रखंड स्तर पर फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाई जाएंगी, जिससे किसान और युवा दोनों को रोजगार मिलेगा। “हमारी सरकार तिरहुत और मुजफ्फरपुर की लीची की खुशबू को दुनिया के हर कोने तक पहुंचाएगी। बिहार के हर जिले में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग लगेंगे, जिससे बिहार के किसानों की आय दोगुनी होगी और युवाओं को नए अवसर मिलेंगे।”
छठ पूजा पर भावनात्मक संदेश: “छठी मईया पलायन की पीड़ा मिटाएं”
छठ महापर्व के अवसर पर तेजस्वी यादव ने बिहारवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमारी संस्कृति, लोक आस्था और पहचान का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “छठ हमारी धरोहर है, हमारी आत्मा है। मैं छठी मईया से प्रार्थना करता हूं कि वे बिहार को मजबूरी वाले पलायन की पीड़ा से मुक्त करें ताकि हर बिहारी अपने गाँव में, अपने परिवार के साथ त्योहार मना सके। यही हमारा संकल्प है — ऐसा बिहार बनाना जहाँ किसी को रोज़गार के लिए अपना घर छोड़ना न पड़े।”
चुनावी रणनीति: मोदी के भाषण बने तेजस्वी का हथियार
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेजस्वी यादव ने चुनावी रणनीति के तौर पर एक नया मोर्चा खोल दिया है। उनके कैंपेन में अब मोदी के पुराने भाषणों को बजाकर “CM मोदी बनाम PM मोदी” का विरोधाभास दिखाया जा रहा है। जनसभाओं में पुराने वीडियो चलाकर तेजस्वी यह संदेश दे रहे हैं कि जो मोदी कभी “गरीब और किसान” की बात करते थे, वही अब उद्योगपतियों के पक्षधर बन गए हैं।सोशल मीडिया पर तेजस्वी की रणनीति को लेकर लोगों ने कहा — “अब मोदी खुद तेजस्वी के स्टार कैंपेनर बन गए हैं।”
अब बिहार खुद तय करेगा अपना भविष्य
तेजस्वी यादव का संदेश स्पष्ट है — बिहार अब किसी बाहरी वादे का मोहताज नहीं रहेगा। “हमें दूसरों के दिए वादों पर नहीं, अपने विज़न पर भरोसा है। बिहार के पास संसाधन है, क्षमता है और सबसे बड़ी ताकत है उसकी युवा पीढ़ी।”
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब बिहार अपने दम पर विकास का मॉडल बनाएगा और बाकी देश उसका अनुसरण करेगा। “हमने ठाना है कि अब बिहार को कोई ठगेगा नहीं। बिहार अब झुकेगा नहीं, रुकेगा नहीं — क्योंकि यह नया बिहार है, जो अपने सपनों के साथ आगे बढ़ रहा है।”




