Home » International » ऑस्ट्रेलियाई संसद में बुर्का पहनकर पहुंचीं Pauline Hanson, राष्ट्रव्यापी विवाद

ऑस्ट्रेलियाई संसद में बुर्का पहनकर पहुंचीं Pauline Hanson, राष्ट्रव्यापी विवाद

Facebook
WhatsApp
X
Telegram

ऑस्ट्रेलिया की संसद के सदन में सोमवार, 24 नवंबर 2025 को भारी हंगामा हुआ जब दूर-दराज राजनीतिक दल की नेता और One Nation पार्टी की सीनेटर Pauline Hanson ने एक बुर्का पहनकर बैठक में प्रवेश किया। इस कदम को उन्होंने अपनी उस प्रस्तावित विधेयक के विरोध के रूप में उठाया था, जिसमें बुर्का और अन्य चेहरे ढंकने वाले वस्त्रों को सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिबंधित करने की मांग थी। 

Hanson के इस कदम के तुरंत बाद संसद में माहौल गरम गया। जैसे ही उन्होंने बुर्का पहनकर चैंबर में कदम रखा, कई सांसदों ने आपत्ति जताई। Mehreen Faruqi ने कहा कि यह “नस्ल-भेदी” कदम है और “यह शर्मनाक है कि संसद में इस तरह की प्रदर्शन की अनुमति है।” दूसरी ओर, Fatima Payman ने इसे मुस्लिम समुदाय और ऑस्ट्रेलिया के मुसलमान नागरिकों का अपमान बताया। 

Pauline Hanson का साफ कहना था कि जब संसद ने उनके बुर्का प्रतिबंध के बिल को खारिज कर दिया, तब उन्होंने यह कदम उठाया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा—“अगर संसद इसे पहनने नहीं चाहती, तो बुर्का पर प्रतिबंध लगा दे।” लेकिन आलोचनाओं का पहाड़ रुकने का नाम नहीं ले रहा। संसद अध्यक्ष ने उन्हें चैंबर से बाहर जाने का आदेश दिया, लेकिन Hanson ने बुर्का नहीं उतारा—जिसके कारण संसद कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित कर दी गई। 

इस घटना ने ऑस्ट्रेलिया में विविधता, धर्म-स्वतंत्रता और सार्वजनिक नीति पर चल रही बहस को एक नए मोड़ पर ला खड़ा किया है। Hanson का यह कदम उन लोगों के लिए चेतावनी बन गया है जो सार्वजनिक मंचों पर धार्मिक प्रतीकों को राजनीतिक हथियार बनाने की प्रवृत्ति रखते हैं। और इसकी परिणति यह हुई कि देश की संसद में निष्पक्षता, सम्मान और बहुल-संस्कृति के मूल्यों पर बहस फिर ताजा हो गई है—कि क्या इस तरह के “प्रदर्शन” लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं या संवेदनशील धार्मिक-सामाजिक धड़ाओं को असहज करने वाला कदम?

इस बाबत बताया गया है कि Hanson की पार्टी ने मई 2025 में हालिया आम चुनाव के बाद चार सीनेट सीटें जीती थीं और बुर्का प्रतिबंध उनके नीतिगत एजेंडा में महत्वपूर्ण थी। अब यह देखना बाकी है कि क्या संसद इस प्रस्ताव को पुनः लेगी या नहीं, और इस घटना का आगे ऑस्ट्रेलियाई राजनीति, सार्वजनिक नीति तथा सामाजिक बहस पर क्या असर होगा। 

 

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments