एबीसी नेशनल न्यूज | पटना | 11 फरवरी 2026
पटना की एक अदालत में आज उस समय भावनात्मक और तनावपूर्ण माहौल बन गया, जब पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव करीब 20 मिनट तक हाथ जोड़े खड़े रहे। अदालत में पेशी के दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें जान से मारने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि “सरकार मुझे मरवा देगी” और राज्य के मुख्यमंत्री से पूछा कि उनका अपराध आखिर क्या है।
अदालत कक्ष में मौजूद लोगों के मुताबिक, पप्पू यादव ने न्यायालय के सामने अपनी बात रखते हुए कहा कि वे लगातार निशाने पर हैं और उन्हें सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका है। उन्होंने कहा कि वे कानून का सम्मान करते हैं, लेकिन जिस तरह से उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, उससे उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वे किसी से डरने वाले नहीं हैं, पर सच्चाई सामने लाने की कीमत उन्हें चुकानी पड़ रही है।
पेशी के बाद मीडिया से बातचीत में पप्पू यादव ने राज्य सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वे पटना के एसएसपी की “कुंडली जानते हैं” और जरूरत पड़ी तो कई खुलासे करेंगे। उनका यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन निष्पक्ष तरीके से काम नहीं कर रहा और उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राज्य की राजनीति गरमा गई है। विपक्षी दलों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़ा है, जबकि सत्तापक्ष का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी को भी विशेष छूट नहीं दी जा सकती। मुख्यमंत्री की ओर से अभी तक इस मामले पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अदालत में इस तरह की भावनात्मक अपील असामान्य जरूर है, लेकिन इससे मामले की संवेदनशीलता का अंदाजा लगाया जा सकता है। फिलहाल अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख तय कर दी है और मामले की विधिक प्रक्रिया जारी है।
पटना में पप्पू यादव के समर्थकों की भीड़ भी अदालत परिसर के बाहर देखी गई। समर्थकों ने उनके पक्ष में नारेबाजी की और इसे राजनीतिक प्रताड़ना बताया। सुरक्षा के मद्देनजर अदालत परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
आने वाले दिनों में यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी बड़ा मुद्दा बन सकता है। अब सबकी नजर अगली सुनवाई और सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी है।




