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एक देश, दो तस्वीरें: अरबों के घर और छत की तलाश में भारत

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एबीसी नेशनल न्यूज 10 जनवरी 2026

भारत के सबसे महंगे घर: 2025–26 की सच्चाई और तथ्यात्मक स्थिति

भारत आज दुनिया की तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। एक तरफ अरबपतियों की संख्या बढ़ रही है, तो दूसरी तरफ बुनियादी ज़रूरतों से जूझता एक बड़ा वर्ग भी मौजूद है। इसी विरोधाभास की सबसे सशक्त तस्वीर भारत के सबसे महंगे निजी घरों की सूची में दिखाई देती है। 2025–26 तक उपलब्ध मीडिया रिपोर्ट्स, रियल एस्टेट वैल्यूएशन और विशेषज्ञ अनुमानों के आधार पर तैयार यह सूची बताती है कि देश में लग्ज़री किस ऊँचाई तक पहुँच चुकी है। हालांकि यह भी स्पष्ट करना ज़रूरी है कि ये सभी आंकड़े अनुमानित मार्केट वैल्यू हैं, जो समय, लोकेशन, ज़मीन की कीमत और सुविधाओं के साथ बदलते रहते हैं।

मुकेश अंबानी का ‘एंटीलिया’: जब एक घर पूरी दुनिया का ध्यान खींच ले

मुंबई के अल्टामाउंट रोड पर खड़ा ‘एंटीलिया’ सिर्फ एक निजी आवास नहीं, बल्कि आधुनिक भारत की आर्थिक शक्ति का प्रतीक बन चुका है। रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के चेयरमैन मुकेश अंबानी का यह 27 मंज़िला घर आज भी भारत का सबसे महंगा घर माना जाता है। विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार इसकी कीमत ₹15,000 करोड़ से ₹18,000 करोड़ के बीच आंकी जाती है। हेलिपैड, प्राइवेट थिएटर, स्पा, स्विमिंग पूल, मल्टी-लेवल पार्किंग और सैकड़ों स्टाफ के लिए अलग फ्लोर—एंटीलिया लग्ज़री की उस परिभाषा को दिखाता है, जो आम भारतीय की कल्पना से भी परे है।

गौतम सिंघानिया का ‘JK House’: आसमान छूती इमारत, आसमान छूती कीमत

रेमंड ग्रुप के चेयरमैन गौतम सिंघानिया का ‘JK House’ भारत के दूसरे सबसे महंगे निजी आवास के रूप में जाना जाता है। मुंबई के ब्रीच कैंडी इलाके में स्थित यह 30 से अधिक मंज़िलों वाला स्काईस्क्रेपर लगभग ₹6,000 करोड़ की अनुमानित कीमत के साथ रियल एस्टेट जगत में अपनी अलग पहचान रखता है। यह घर निजी म्यूज़ियम, स्पा, फिटनेस ज़ोन और दुर्लभ कार कलेक्शन जैसे विशेष फ्लोर के कारण भी चर्चा में रहता है। यह दिखाता है कि भारत में अब निजी आवास भी कॉर्पोरेट स्तर की भव्यता तक पहुँच चुके हैं।

अनिल अंबानी का ‘अबोध’: भव्यता तो है, लेकिन आंकड़ों पर बहस भी

मुंबई के पाली हिल इलाके में स्थित अनिल अंबानी का 17 मंज़िला आवास ‘अबोध’ भी देश के सबसे महंगे घरों में शामिल किया जाता है। कुछ रिपोर्ट्स इसकी कीमत ₹5,000 करोड़ तक बताती हैं, जबकि अधिकतर विश्वसनीय वैल्यूएशन इसे ₹2,000 से ₹3,500 करोड़ के बीच रखते हैं। स्विमिंग पूल, जिम और हाई-एंड सुविधाओं से लैस यह घर इस बात का उदाहरण है कि कैसे निजी संपत्तियों की कीमतें अक्सर अनुमानों और बाज़ार धारणा पर टिकी होती हैं।

ईशा अंबानी का ‘गुलिता’: समुद्र, हीरे और नई पीढ़ी की लग्ज़री

मुंबई के वर्ली इलाके में समुद्र किनारे स्थित ‘गुलिता’ ईशा अंबानी और आनंद पीरामल का निजी आवास है। डायमंड-थीम डिजाइन वाला यह पांच मंज़िला मैनशन वेडिंग गिफ्ट के रूप में मिला था। अलग-अलग रिपोर्ट्स के अनुसार इसकी कीमत ₹800 करोड़ से ₹1,200 करोड़ के बीच आंकी जाती है। प्राइम सी-फेसिंग लोकेशन के चलते 2025–26 तक इसकी वैल्यू और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। यह घर नई पीढ़ी की अल्ट्रा-लक्ज़री लाइफस्टाइल का प्रतीक माना जाता है।

कुमार मंगलम बिड़ला का ‘जेटिया हाउस’: हेरिटेज की कीमत समय के साथ बढ़ती है

आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला का ‘जेटिया हाउस’ मुंबई की एक ऐतिहासिक हेरिटेज प्रॉपर्टी है। कभी इसकी कीमत ₹425 करोड़ बताई जाती थी, लेकिन यह आंकड़ा अब पुराना माना जाता है। मौजूदा रियल एस्टेट रुझानों के अनुसार इसकी वैल्यू इससे कहीं अधिक मानी जाती है। हालांकि सटीक आंकड़े सार्वजनिक नहीं हैं, फिर भी यह घर भारत के टॉप-10 महंगे निजी आवासों में गिना जाता है।

शाहरुख खान का ‘मन्नत’: दीवारों से ज़्यादा पहचान

बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान का ‘मन्नत’ मुंबई के बैंड्रा इलाके में स्थित है और सिर्फ एक घर नहीं, बल्कि एक भावना बन चुका है। समुद्र के सामने बने इस छह मंज़िला घर की अनुमानित कीमत ₹200 से ₹250 करोड़ के बीच बताई जाती है। 2025–26 में भी इसकी वैल्यू लगभग इसी दायरे में मानी जाती है। ‘मन्नत’ की कीमत सिर्फ ज़मीन या इमारत से नहीं, बल्कि उसकी ब्रांड वैल्यू और लोकप्रियता से तय होती है।

अमिताभ बच्चन का ‘जलसा’: प्रतिष्ठा अमूल्य, कीमत आंकड़ों से आगे

जुहू में स्थित अमिताभ बच्चन का प्रसिद्ध आवास ‘जलसा’ देश के सबसे चर्चित सेलिब्रिटी होम्स में शामिल है। इसकी कीमत लगभग ₹120 करोड़ बताई जाती है, लेकिन यह अनुमान काफी पुराना माना जाता है। मौजूदा बाज़ार स्थितियों में इसकी वास्तविक वैल्यू इससे अधिक हो सकती है। ‘जलसा’ आज भी प्रतिष्ठा और सम्मान का प्रतीक बना हुआ है।

बेघर भारत: चमक के साये में छिपी कड़वी सच्चाई

इन हजारों करोड़ के घरों की चर्चा के बीच भारत की दूसरी तस्वीर भी उतनी ही सच्ची है। 2011 की जनगणना के अनुसार देश में लगभग 17–18 लाख लोग बेघर थे, जिनमें करीब 9.38 लाख शहरी इलाकों में रहते थे। 2024–25 तक कोई नई जनगणना नहीं हुई है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि शहरीकरण, माइग्रेशन और आर्थिक दबावों के कारण वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। PMAY-U जैसी सरकारी योजनाओं से लाखों घर बने हैं, फिर भी छत की तलाश अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।

लग्ज़री बनाम ज़रूरत: भारत की दो समानांतर कहानियाँ

भारत के सबसे महंगे घर देश की आर्थिक क्षमता, ग्लोबल महत्वाकांक्षा और सुपर-रिच वर्ग की जीवनशैली को दर्शाते हैं। लेकिन यही सूची यह भी याद दिलाती है कि बुनियादी आवास आज भी करोड़ों भारतीयों के लिए सपना है। एक तरफ हजारों करोड़ की निजी संपत्तियां हैं, दूसरी तरफ फुटपाथ, झुग्गी और अस्थायी आश्रय। यही विरोधाभास भारत की असली तस्वीर है—एक देश, दो तस्वीरें।

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