नई दिल्ली, 19 सितम्बर 2025
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने अब हाईवे प्रोजेक्ट्स में उप-ठेकेदारी (subcontracting) पर सख्ती शुरू कर दी है। ठेकेदारों की लापरवाही, घटिया निर्माण और प्रोजेक्ट्स में हो रही लगातार देरी को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। NHAI का कहना है कि अब ठेकेदार अनुबंध की सीमा से बाहर जाकर उप-ठेका नहीं दे पाएंगे, और यदि ऐसा हुआ तो इसे “अवांछनीय प्रथा” (Undesirable Practice) माना जाएगा।
अनधिकृत उप-ठेकेदारी पर सज़ा का प्रावधान
नई व्यवस्था के तहत यदि कोई ठेकेदार बिना अनुमति उप-ठेका देता है या निर्धारित सीमा से अधिक काम आगे सौंपता है, तो उस पर कड़ी कार्रवाई होगी। इस तरह की हरकत को अब धोखाधड़ी के मामलों के समान माना जाएगा और दोषी पाए जाने पर ठेकेदारों पर पेनाल्टी, अनुबंध समाप्ति या ब्लैकलिस्टिंग तक हो सकती है।
बोली प्रक्रिया (RFP) में बदलाव
NHAI ने अपनी “Request for Proposal” (RFP) के नियम भी बदल दिए हैं:
“Similar Work” यानी समान अनुभव का दायरा साफ कर दिया गया है, ताकि ठेकेदार झूठे या छोटे-मोटे काम दिखाकर बोली में शामिल न हो सकें।
बोली लगाने वालों की तकनीकी और वित्तीय क्षमता की जाँच अब और कठोर की जाएगी।
तीसरी पार्टी द्वारा दी गई गारंटी या सुरक्षा (bid/performance security) स्वीकार नहीं होगी। बोलीदाता को खुद यह जिम्मेदारी निभानी होगी।
क्यों ज़रूरी है यह कदम?
पिछले कुछ सालों में हाईवे निर्माण की गुणवत्ता पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। कई जगह कंक्रीट सड़कें कुछ ही सालों में टूटने लगीं, डिज़ाइन में खामियाँ मिलीं और निगरानी की कमजोरी उजागर हुई। साथ ही, उप-ठेकेदारी की कई परतों ने ज़िम्मेदारी तय करना मुश्किल बना दिया। नतीजतन प्रोजेक्ट्स की लागत बढ़ी, समय सीमा टूटी और जनता का भरोसा डगमगाया।
प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग होगी और सख़्त
नई गाइडलाइंस के अनुसार ठेकेदारों को प्रोजेक्ट की हर स्टेज की रिपोर्ट देनी होगी। निरीक्षण की प्रक्रिया को और मज़बूत किया जा रहा है। यदि दोष पाए गए, तो तुरंत सुधार-कार्रवाई अनिवार्य होगी। NHAI का मानना है कि इससे सड़क निर्माण की गुणवत्ता बेहतर होगी और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
जनता के पैसे की सही कीमत
NHAI का यह कदम केवल नियमों में बदलाव नहीं बल्कि सिस्टम को सुधारने का प्रयास है। उप-ठेकेदारी पर लगाम लगाकर गुणवत्ता, समयसीमा और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। अगर ये सुधार जमीनी स्तर पर लागू होते हैं, तो यह देश में सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के स्तर को नई ऊँचाई देगा और जनता के टैक्स का सही इस्तेमाल होगा।




