एबीसी नेशनल न्यूज़ | काठमांडू/नई दिल्ली | 6 मार्च 2026
नेपाल में हुए आम चुनावों के नतीजे धीरे-धीरे साफ होते जा रहे हैं और शुरुआती रुझानों ने देश की राजनीति में बड़ा बदलाव होने के संकेत दिए हैं। ताज़ा जानकारी के मुताबिक राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (RSP) कई सीटों पर बढ़त बनाती दिखाई दे रही है, जिससे नेपाल की पारंपरिक राजनीति को बड़ी चुनौती मिलती नजर आ रही है।
चुनावी रुझानों में काठमांडू के लोकप्रिय नेता बालेन शाह की जीत लगभग तय मानी जा रही है। वहीं पूर्व प्रधानमंत्री और माओवादी नेता पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ भी अपने निर्वाचन क्षेत्र में मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहे हैं।
दूसरी ओर नेपाल की राजनीति के अनुभवी नेता और पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली इस बार कड़ी टक्कर में पिछड़ते नजर आ रहे हैं। कई सीटों पर उनकी पार्टी सीपीएन-यूएमएल को अपेक्षित बढ़त नहीं मिल पाई है, जिससे राजनीतिक समीकरण बदलते हुए दिखाई दे रहे हैं।
चुनाव आयोग के अनुसार मतगणना कई इलाकों में अभी जारी है, लेकिन शुरुआती रुझानों ने यह संकेत दे दिया है कि इस बार मतदाताओं ने नए विकल्पों की ओर झुकाव दिखाया है। खासकर युवाओं और शहरी मतदाताओं के बीच राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी को मजबूत समर्थन मिलने की चर्चा है।
राजधानी काठमांडू समेत कई प्रमुख शहरों में मतगणना केंद्रों के बाहर समर्थकों की भीड़ जुटी हुई है और समर्थक अपने-अपने नेताओं की जीत का इंतजार कर रहे हैं। सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं ताकि मतगणना शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो सके।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर रुझान इसी तरह बने रहते हैं तो नेपाल की संसद में इस बार नए दलों की भूमिका काफी अहम हो सकती है। इससे देश की सत्ता संरचना और गठबंधन की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
नेपाल के चुनाव परिणामों पर भारत सहित पूरे दक्षिण एशिया की नजर बनी हुई है, क्योंकि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संबंध बेहद गहरे रहे हैं। आने वाली सरकार की नीतियों का असर क्षेत्रीय कूटनीति और सहयोग पर भी पड़ सकता है।




