इतिहासकार डॉ. रुचिका शर्मा ने NCERT की इतिहास की किताबों पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि इनमें हिंदू राजाओं की ‘क्रूरता’ से संबंधित कोई उल्लेख नहीं है। उनके अनुसार, पाठ्यपुस्तकों में ऐतिहासिक घटनाओं को चुनिंदा तरीके से प्रस्तुत किया गया है, जिससे हिंदू शासकों के शासनकाल के कुछ विवादास्पद पहलुओं को नजरअंदाज किया गया है।
डॉ. शर्मा ने कहा, “इतिहास को संतुलित तरीके से पढ़ाया जाना चाहिए। NCERT की किताबों में अन्य शासकों की कमियों का ज़िक्र होता है, लेकिन हिंदू राजाओं के शासन में हुए कुछ क्रूर निर्णयों या घटनाओं को शामिल नहीं किया गया। यह एकतरफा चित्रण विद्यार्थियों में इतिहास के प्रति अधूरी समझ पैदा करता है।”
उन्होंने यह भी बताया कि ऐतिहासिक साक्ष्यों के आधार पर कई हिंदू शासकों ने युद्धों और शासन के दौरान कठोर कदम उठाए थे, जिन्हें पाठ्यपुस्तकों में जगह नहीं दी गई। डॉ. शर्मा ने मांग की है कि NCERT को पाठ्यक्रम में संशोधन कर इतिहास को अधिक निष्पक्ष और समग्र दृष्टिकोण से प्रस्तुत करना चाहिए।
इस बयान पर शिक्षा मंत्रालय या NCERT की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह मुद्दा सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन रहा है, जहां कुछ लोग डॉ. शर्मा के विचारों का समर्थन कर रहे हैं, जबकि अन्य इसे पाठ्यपुस्तकों के राजनीतिकरण का प्रयास बता रहे हैं।
#NCERT #HistoryTextbooks #HinduRulers #DrRuchikaSharma #IndianHistory #EducationReform #HistoryDebate #BalancedHistory #CurriculumChange #SocialMediaDebate




