एबीसी डेस्क 17 दिसंबर 2025
नई दिल्ली: नेशनल हेराल्ड मामले में अदालत के आदेश के बाद कांग्रेस ने इसे अपनी नैतिक और राजनीतिक जीत बताते हुए देशभर में जबरदस्त विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि यह पूरा मामला शुरू से ही फर्जी, मनगढ़ंत और राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित था, जिसे मोदी–शाह सरकार ने विपक्ष की आवाज़ दबाने के लिए गढ़ा। कोर्ट के आदेश के बाद पार्टी ने केंद्र सरकार और जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग के खिलाफ सड़क से संसद तक संघर्ष तेज कर दिया है।
कांग्रेस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि नेशनल हेराल्ड केस पूरी तरह झूठा है और इसे सिर्फ इसलिए जिंदा रखा गया ताकि कांग्रेस नेतृत्व को डराया, धमकाया और बदनाम किया जा सके। पार्टी का कहना है कि मोदी सरकार ने ED जैसी संस्थाओं का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के तौर पर किया, लेकिन अब अदालत के आदेश ने सरकार की मंशा को बेनकाब कर दिया है। कांग्रेस ने साफ कहा— “हम डरने वाले नहीं हैं, न ही झुकेंगे।”
इस मुद्दे पर पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, गुजरात, दिल्ली, झारखंड सहित कई राज्यों में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किए। पश्चिम बंगाल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुभंकर सरकार के नेतृत्व में पार्टी ने रैली निकालकर मोदी सरकार की “वेंडेटा पॉलिटिक्स” का विरोध किया। पार्टी ने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ कांग्रेस की नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई है।
कर्नाटक के बेलगावी में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास कांग्रेस ने बड़ा धरना आयोजित किया, जिसकी अगुवाई मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने की। इस दौरान नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार विपक्ष को डराने के लिए जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है, लेकिन कांग्रेस इस दबाव के आगे झुकने वाली नहीं है। उन्होंने दो टूक कहा कि सच और कानून अंततः सत्ता के दुरुपयोग पर भारी पड़ते हैं।
गुजरात में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। यहां कांग्रेस ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि मोदी–शाह ने राजनीतिक प्रतिशोध के तहत नेशनल हेराल्ड का फर्जी केस खड़ा किया। प्रदर्शनकारियों ने ED के दुरुपयोग को लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताया और सरकार से ऐसी कार्रवाइयों को तुरंत रोकने की मांग की।
राजधानी दिल्ली में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। दिल्ली कांग्रेस प्रभारी क़ाज़ी निज़ामुद्दीन और प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र यादव के नेतृत्व में पार्टी ने मोदी सरकार के खिलाफ नारेबाज़ी की और कहा कि कोर्ट के आदेश के बाद अब नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को इस्तीफा देना चाहिए। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह मामला सत्ता के अहंकार और एजेंसियों के दुरुपयोग का प्रतीक बन गया था।
झारखंड की राजधानी रांची में भी कांग्रेस ने बड़ा प्रदर्शन किया, जहां पूर्व PCC अध्यक्ष राजेश ठाकुर की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं ने मोदी सरकार की “तानाशाही सोच” के खिलाफ आवाज़ बुलंद की। यहां पार्टी नेताओं ने कहा कि ED का इस्तेमाल कर कांग्रेस को डराने की कोशिश नाकाम हो चुकी है, और आने वाले समय में यह मुद्दा और भी व्यापक रूप लेगा।
कांग्रेस का कहना है कि नेशनल हेराल्ड मामला अब सिर्फ एक कानूनी प्रकरण नहीं रह गया है, यह लोकतंत्र, विपक्ष की भूमिका और संवैधानिक संस्थाओं की स्वतंत्रता से जुड़ा बड़ा सवाल बन चुका है। पार्टी ने ऐलान किया है कि जब तक जांच एजेंसियों के दुरुपयोग पर लगाम नहीं लगती और सरकार जवाबदेही नहीं लेती, तब तक यह आंदोलन देशभर में जारी रहेगा।






