राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 19 मार्च 2026
कांग्रेस नेता प्रियंक खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर सीधा और आक्रामक हमला बोलते हुए इसे “हग डिप्लोमेसी और दिखावे की राजनीति” करार दिया है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के नेताओं से गले मिलकर तस्वीरें खिंचवाना कूटनीति नहीं, बल्कि सिर्फ इमेज बिल्डिंग है।
खड़गे ने तीखे शब्दों में कहा कि “मोदी ने लगभग हर विश्व नेता से हाथ मिलाया, गले मिले और हर मुलाकात को व्यक्तिगत दोस्ती के रूप में बेचा, लेकिन 12 साल बाद देश को इससे मिला क्या?” उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इन दिखावटी रिश्तों से भारत की वैश्विक स्थिति मजबूत हुई या उल्टा देश अंतरराष्ट्रीय मंच पर कमजोर पड़ा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा विदेश नीति सिर्फ “ऑप्टिक्स, इवेंट मैनेजमेंट और फोटो-ऑप्स” तक सीमित रह गई है, जिसमें न तो ठोस रणनीति है और न ही राष्ट्रीय हितों की स्पष्ट दिशा। खड़गे के मुताबिक, इसी कारण आज भारत पहले के मुकाबले अधिक अलग-थलग नजर आ रहा है।
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि सरकार को देश की विदेश नीति को प्रचार और छवि निर्माण से निकालकर वास्तविक कूटनीतिक मजबूती, आर्थिक हित और रणनीतिक साझेदारियों पर केंद्रित करना चाहिए।
वहीं बीजेपी ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि मोदी सरकार के नेतृत्व में भारत की वैश्विक पहचान मजबूत हुई है और देश ने कई अहम अंतरराष्ट्रीय समझौते और साझेदारियां की हैं।
इस बयान के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। एक ओर कांग्रेस इसे “विफल कूटनीति” बता रही है, तो दूसरी ओर सत्तापक्ष इसे भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत का प्रतीक बता रहा है।
फिलहाल, प्रियंक खड़गे का यह हमला केवल एक बयान नहीं, बल्कि विदेश नीति को लेकर सीधे टकराव की राजनीति का संकेत बनता दिख रहा है, जिसमें “दिखावा बनाम परिणाम” की बहस तेज होती जा रही है।




