नई दिल्ली 30 अक्टूबर 2028
राजनीति के मैदान में तीखी जुबानी जंग छिड़ गई है। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जैसे ही “5-स्टार बिसलेरी पूल का ड्रामा” उजागर हुआ, प्रधानमंत्री तिलमिला उठे।
खेड़ा ने कहा, “अपनी बेइज़्ज़ती छिपाने के लिए प्रधानमंत्री अब इसे छठी मइया का अपमान बता रहे हैं। ख़ुद की तुलना छठी मइया से करने की जुर्रत? यह न सिर्फ़ अति-आत्ममुग्धता है बल्कि आस्था का अपमान भी है।”
उन्होंने कटाक्ष किया, “पहले तो प्रधानमंत्री ने खुद को नॉन-बायोलॉजिकल बताया था, अब अपने आपको भगवान बताने की मूर्खता कर रहे हैं। ऐसा लगता है कि सत्ता का नशा अब पूरी तरह सिर पर चढ़ चुका है।”
कांग्रेस नेता ने कहा कि “देश की जनता धार्मिक भावनाओं से खेलना और अपनी आलोचना को ‘आस्था पर प्रहार’ बताने की चाल अच्छी तरह पहचान चुकी है।”
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पवन खेड़ा का यह बयान न केवल प्रधानमंत्री के बयानबाज़ी के अंदाज़ पर सीधा प्रहार है बल्कि चुनावी मौसम में धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।




