महेंद्र सिंह। नई दिल्ली 6 दिसंबर 2025
नई दिल्ली में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात ने भारत-रूस रिश्तों को एक नई दिशा दी। चार साल बाद भारत आए पुतिन ने साफ कहा कि दोनों देशों की साझेदारी भरोसे और दोस्ती पर खड़ी है। मुलाकात के बाद दोनों नेताओं ने कई बड़े फैसले किए, जिनका असर आने वाले कई वर्षों तक दिखेगा।
2030 तक आर्थिक साझेदारी का नया कार्यक्रम
वार्ता में भारत और रूस ने मिलकर ‘विजन 2030’ आर्थिक सहयोग कार्यक्रम पर हस्ताक्षर किए। इसका मतलब है कि दोनों देश आने वाले पाँच वर्षों तक व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और टेक्नोलॉजी में मिलकर काम करेंगे। मोदी ने इसे “दोस्ती की नई ऊंचाई” बताया।
भारत को बिना रुकावट ईंधन देगा रूस
पुतिन ने भरोसा दिलाया कि रूस भारत को तेल, गैस और कोयले की लगातार और निर्बाध सप्लाई देता रहेगा। यह भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़ी राहत है। पुतिन ने कहा कि अगर अमेरिका खुद रूस से परमाणु ईंधन खरीद सकता है, तो भारत को रोकने का सवाल ही नहीं बनता।
100 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य
दोनों नेताओं ने फैसला किया कि आने वाले वर्षों में भारत-रूस व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाया जाएगा। आज व्यापार ज्यादातर ऊर्जा पर आधारित है, लेकिन अब इसे दवाइयों, मशीनरी, कृषि, टेक्नोलॉजी और विनिर्माण तक बढ़ाया जाएगा।
राष्ट्रीय मुद्राओं में भुगतान की तैयारी
भारत और रूस डॉलर पर निर्भरता कम करने की दिशा में काम कर रहे हैं। अब धीरे-धीरे दोनों देश रुपये और रूबल में व्यापार निपटाने की कोशिश करेंगे। इससे व्यापार तेज और आसान होगा।
रूसी नागरिकों को 30 दिन का मुफ्त ई-टूरिस्ट वीजा
मोदी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए रूस के नागरिकों के लिए 30 दिन का मुफ्त ई-टूरिस्ट वीजा देने की घोषणा की। साथ ही ग्रुप टूरिस्ट वीजा भी शुरू होगा। इससे दोनों देशों के बीच पर्यटन और लोगों का संपर्क बढ़ेगा।
यूक्रेन युद्ध पर भारत ने दोहराई शांति की बात
वार्ता में मोदी ने पुतिन से साफ कहा कि दुनिया को शांति की ओर लौटना चाहिए और यूक्रेन युद्ध बातचीत से खत्म होना चाहिए। भारत ने फिर से दोहराया कि वह किसी भी विवाद का समाधान कूटनीति और संवाद से चाहता है।
भारत-रूस दोस्ती: मुश्किल समय में भी मजबूत
मोदी ने कहा कि भारत-रूस संबंध “ध्रुवतारे की तरह हमेशा स्थिर” रहे हैं। पुतिन ने भी मान्यता दी कि भारत आज दुनिया का एक महत्वपूर्ण और स्वतंत्र निर्णय लेने वाला देश है। दोनों देशों ने रक्षा, व्यापार और ऊर्जा को और मजबूत करने का संकल्प लिया।
बदलते दुनिया में भारत का बढ़ता प्रभाव
इस मुलाकात ने दिखा दिया कि तेजी से बदलते वैशिक माहौल में भारत एक संतुलन बनाने वाली बड़ी शक्ति के रूप में उभर रहा है। रूस के लिए भारत एक विश्वसनीय साझेदार है, और भारत के लिए रूस ऊर्जा और रणनीतिक सहयोग का महत्वपूर्ण स्तंभ। “विजन 2030” इस साझेदारी को आने वाले वर्षों में और मजबूत बनाने वाला है।




