एबीसी नेशनल न्यूज | 26 फरवरी 2026
असहमति को अपराध बनाने का आरोप
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ने प्रधानमंत्री Narendra Modi और केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों को लेकर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा कि आज देश में शांतिपूर्ण विरोध को ही अपराध बना दिया गया है और सवाल पूछने वालों को संदेह की नजर से देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत जैसे बड़े लोकतंत्र को ऐसी दिशा में ले जाया जा रहा है जहां असहमति को देशद्रोह और सवाल पूछने को साज़िश बताया जाता है।
युवाओं के विरोध और पुलिस कार्रवाई का मुद्दा
राहुल गांधी ने पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले युवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अपने भविष्य के लिए आवाज उठाने पर उन्हें लाठीचार्ज और पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक तरीके से विरोध करने वालों पर मुकदमे और गिरफ्तारी की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे लोकतांत्रिक माहौल प्रभावित हो रहा है।
महिला पहलवानों और न्याय की मांग से जुड़े आंदोलन का उल्लेख
कांग्रेस नेता ने महिला पहलवानों के आंदोलन का हवाला देते हुए कहा कि गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग कर रही खिलाड़ियों की आवाज को दबाने की कोशिश की गई और उन्हें सड़कों से हटाया गया। इसके अलावा एक दुष्कर्म पीड़िता के समर्थन में हुए शांतिपूर्ण प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि न्याय की मांग को भी व्यवस्था के लिए असुविधा बताकर हटाया गया।
किसान, आदिवासी और पर्यावरण आंदोलनों पर टिप्पणी
राहुल गांधी ने किसानों के आंदोलन, आदिवासियों के जल-जंगल-जमीन से जुड़े संघर्ष और पर्यावरण मुद्दों पर उठी आवाजों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इन आंदोलनों को भी संदेह और सख्ती के साथ देखा गया। उन्होंने कहा कि आंसू गैस, पानी की बौछार और लाठीचार्ज संवाद का विकल्प नहीं हो सकते और लोकतंत्र में बातचीत ही समाधान का रास्ता होना चाहिए।
US ट्रेड डील विरोध और गिरफ्तारी का आरोप
युवा कांग्रेस द्वारा अमेरिकी ट्रेड डील के विरोध का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों को देशविरोधी बताकर गिरफ्तार किया गया। उन्होंने सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करते हुए कहा कि आर्थिक फैसलों पर जनता को भरोसे में लेना जरूरी है।
लोकतंत्र पर चेतावनी और राजनीतिक संदेश
राहुल गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र की आत्मा है और सवाल पूछना उसकी ताकत है। उन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहां आलोचना को जगह देना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि जब सत्ता खुद को राष्ट्र के बराबर मानने लगती है और असहमति को दुश्मन की तरह देखा जाता है, तब लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर होने लगती हैं।



