राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली 23 मार्च 2026
नई दिल्ली में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता पवन खेड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने बेहद तीखे और व्यंग्यात्मक अंदाज़ में कहा कि “मोदी जी को मदरलैंड और फादरलैंड जैसी बात करने की जरूरत क्या थी?” खेड़ा ने तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री दुनिया भर में घूमते हैं और हँसते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि लोग उन पर हँस रहे हैं। इस बयान के साथ उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि देश इस समय गंभीर संकट में है और नेतृत्व को भी उतनी ही गंभीरता दिखानी चाहिए।
“नियम आधारित व्यवस्था पर खड़े रहिए”—विदेश नीति पर सवाल
पवन खेड़ा ने साफ शब्दों में कहा कि कांग्रेस कभी यह नहीं कहती कि भारत किसी एक देश—ईरान या अमेरिका—की तरफ झुक जाए। लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को अपनी पुरानी पहचान के मुताबिक “rules based order” यानी नियम आधारित व्यवस्था पर मजबूती से खड़ा रहना चाहिए। उनका आरोप था कि मौजूदा सरकार ने संतुलन खो दिया है और इजरायल तथा अमेरिका के सामने झुक गई है। खेड़ा के मुताबिक, अगर भारत सीधे खड़ा रहता तो वह निंदा भी करता और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी साख भी बनाए रखता।
MSME और शेयर बाजार का जिक्र: आर्थिक मोर्चे पर सरकार घिरी
कांग्रेस नेता ने आर्थिक हालात को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में करीब 3 हजार MSMEs तबाही के कगार पर हैं, जबकि 15 हजार से ज्यादा छोटे उद्योग सीधे प्रभावित हो रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि पिछले 23 दिनों में शेयर बाजार में 48 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। खेड़ा ने कहा कि यह केवल आंकड़े नहीं हैं, बल्कि इसके पीछे लाखों परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है, जिन पर संकट मंडरा रहा है।
LPG संकट और आम आदमी की रसोई: “दूध तक महंगा हो सकता है”
पवन खेड़ा ने सबसे ज्यादा जोर LPG संकट पर दिया। उन्होंने कहा कि हालात ऐसे बनते जा रहे हैं कि अगर गैस की कमी जारी रही तो इसका असर दूध और अन्य जरूरी चीजों की सप्लाई पर भी पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह सिलेंडर ब्लैक में 5 हजार रुपये तक बिक रहा है और सरकार इसे रोकने में नाकाम रही है। खेड़ा के मुताबिक, आज देश के करीब 50 प्रतिशत घरों में गैस की कमी की शिकायत है और सरकार 14.2 किलो के सिलेंडर को घटाकर 10 किलो करने की तैयारी में है, जो हालात की गंभीरता को दिखाता है।
“85% गैस का रास्ता बंद”—ऊर्जा संकट पर चेतावनी
खेड़ा ने कहा कि भारत की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है और मौजूदा हालात में सप्लाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने दावा किया कि जहां से करीब 85% गैस आती थी, वही रास्ता अब बाधित हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले भारत ईरान से अपनी मुद्रा में तेल खरीदता था, जिससे विदेशी मुद्रा पर दबाव नहीं पड़ता था, लेकिन अब वह फायदा खत्म हो गया है और देश को भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।
ईरान और खामेनेई का जिक्र: “निंदा तक नहीं की”
विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि पश्चिम एशिया में जंग शुरू होने के बाद भारत को स्पष्ट रूप से उसकी निंदा करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या पर भी प्रधानमंत्री की तरफ से कोई शोक संदेश नहीं आया। खेड़ा के मुताबिक, एक सभ्य देश की पहचान होती है कि वह ऐसे मौकों पर स्पष्ट और संतुलित प्रतिक्रिया दे।
राहुल गांधी का हवाला: “पहले ही दी थी चेतावनी”
कांग्रेस नेता ने राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही GST, कोरोना और अन्य मुद्दों पर सरकार को चेताया था कि बड़े संकट आने वाले हैं। लेकिन उस समय उनकी बातों का मजाक उड़ाया गया। खेड़ा का दावा है कि आज वही बातें सच साबित हो रही हैं और देश उसकी कीमत चुका रहा है।
“सरकार जवाब दे”—जनता के सवाल और सियासत तेज
अपने बयान के अंत में पवन खेड़ा ने कहा कि आज देश का हर वर्ग—किसान, व्यापारी, उद्योगपति और आम आदमी—इस संकट का असर झेल रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी थी कि देशहित से समझौता करना पड़ा। पश्चिम एशिया का संकट अब सिर्फ अंतरराष्ट्रीय मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था, रसोई और राजनीति—तीनों को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में यह मुद्दा आने वाले दिनों में और बड़ा सियासी विवाद बनने के संकेत दे रहा है।




