नई दिल्ली 11 सितम्बर 2025
कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर मोहन भागवत के 75वें जन्मदिन पर दिए गए उनके विशेष संदेश को लेकर तीखा हमला बोला है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने आरएसएस नेतृत्व को खुश करने की बेताब कोशिश में इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण सत्य को नज़रअंदाज़ कर दिया।
विवेकानंद और 9/11 का ज़िक्र, गांधी गायब
जयराम रमेश ने लिखा कि प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में 11 सितंबर 1893 को स्वामी विवेकानंद के शिकागो भाषण और 11 सितंबर 2001 को अमेरिका पर अल-कायदा के हमलों का ज़िक्र किया। लेकिन उन्होंने 11 सितंबर 1906 का उल्लेख करना ज़रूरी नहीं समझा—वह दिन जब महात्मा गांधी ने जोहान्सबर्ग में पहली बार सत्याग्रह का आह्वान किया था। यही वह क्षण था जिसने दुनिया को अहिंसक संघर्ष और जनशक्ति की ताकत का परिचय कराया।
“सत्य से दूरी बनाए रखते हैं मोदी”
कांग्रेस नेता ने कटाक्ष किया कि प्रधानमंत्री से सत्याग्रह की उत्पत्ति को याद रखने की उम्मीद करना बहुत ज़्यादा हो जाएगा, क्योंकि ‘सत्य’ शब्द ही उनके लिए अपरिचित है। उन्होंने कहा कि मोदी इतिहास को हमेशा अपने हिसाब से चुनते हैं, जहाँ गांधी का नाम और विचार उन्हें असुविधाजनक लगते हैं।
“नॉन-बायलॉजिकल” और “God-se” पर व्यंग्य
जयराम रमेश ने मोदी पर व्यक्तिगत व्यंग्य भी कसा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री, जो खुद को “नॉन-बायलॉजिकल” बताते हैं, अपने प्रवचनों को इस अंदाज़ में प्रस्तुत करते हैं मानो वे सीधे “God-se” उतरे हों।
कांग्रेस का यह बयान मोदी के संदेश को लेकर आरएसएस और बीजेपी पर एक सीधा हमला माना जा रहा है। अब देखना होगा कि सत्ता पक्ष इस आलोचना का जवाब किस तरह देता है।




