पाकिस्तान की सियासत में हलचल तब और गहरी हो गई जब सेना ने एक बार फिर इमरान खान पर सीधा हमला बोला और उन्हें “राष्ट्रीय सुरक्षा खतरा” तक करार दे दिया। यह बयान उस समय आया है जब आर्मी चीफ जनरल असीम मुनीर को देश का पहला Chief of Defence Force (CDF) नियुक्त किया गया है — एक ऐसा पद जो सेना को और अधिक केंद्रीकृत ताकत देता है और जिसके बनने से पाकिस्तान की सत्ता संरचना में सैन्य वर्चस्व का दायरा और चौड़ा हो गया है। असीम मुनीर की नई जिम्मेदारी के कुछ ही घंटों बाद सेना प्रवक्ता की तरफ से जारी बयान ने पाकिस्तान की राजनीति में एक नया तूफ़ान खड़ा कर दिया।
इमरान खान को ‘राष्ट्रीय सुरक्षा खतरा’ कहकर सेना ने बढ़ाया टकराव का स्तर
पाकिस्तान सेना ने बयान जारी करते हुए आरोप लगाया कि इमरान खान और उनकी पार्टी PTI की गतिविधियाँ देश की स्थिरता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा जोखिम बन चुकी हैं। सेना ने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों में इमरान खान ने “राज्य संस्थाओं के खिलाफ व्यवस्थित और संगठित दुष्प्रचार” फैलाया, जिससे न सिर्फ सेना की साख पर हमला हुआ बल्कि पाकिस्तान की वैश्विक विश्वसनीयता भी कमजोर हुई। सेना के इस तीखे रुख ने यह साफ कर दिया है कि इमरान और GHQ के बीच टकराव अब समझौते की सीमा से बहुत आगे निकल चुका है।
असीम मुनीर की नियुक्ति को सेना की शक्ति-संरचना का नया अध्याय माना जा रहा
CDF का पद बनाकर और असीम मुनीर को इस पर नियुक्त कर पाकिस्तानी सत्ता व्यवस्था ने एक और संकेत दिया है—कि सेना पाकिस्तान की नीति, शासन और सुरक्षा ढांचे पर पहले से ज्यादा निर्णायक भूमिका निभाना चाहती है। यह कदम सेना के तीनों अंगों को एकीकृत कमान में लाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इमरान खान की गिरफ्तारी, PTI के नेताओं पर दबाव, चुनावी प्रक्रिया में कथित हस्तक्षेप—इन सबके बीच इस नई नियुक्ति ने देश में राजनीतिक अस्थिरता को और जटिल बना दिया है।
PTI ने सेना पर मनमानी का आरोप लगाया, कहा—यह सत्ता पर पूरा नियंत्रण पाने की कोशिश
सेना द्वारा इमरान खान को “सुरक्षा खतरा” बताने के बाद PTI ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पाकिस्तान सेना लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पूरी तरह कुचलने की ओर बढ़ चुकी है। पार्टी ने आरोप लगाया कि देश में वास्तविक सत्ता सेना के हाथों में है और नागरिक सरकार महज़ दिखावे की बन गई है। PTI नेताओं ने इसे जनरल मुनीर द्वारा राजनीतिक नेतृत्व पर दबाव बढ़ाने और इमरान खान की लोकप्रियता को कमजोर करने का सुनियोजित प्रयास बताया।
विश्लेषकों की राय: यह संघर्ष पाकिस्तान को और गहरे संकट में धकेल देगा
पाकिस्तानी और अंतरराष्ट्रीय विश्लेषक मानते हैं कि सेना और इमरान खान के बीच यह खुला टकराव पाकिस्तान को और अधिक राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा संकटों की ओर ले जाएगा। पहले से ही आर्थिक बदहाली, अंतरराष्ट्रीय कर्ज, आतंकवाद के बढ़ते खतरे और राजनीतिक अव्यवस्था से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए यह नया तनाव बेहद खतरनाक संकेत है। विशेषज्ञों का कहना है कि सेना द्वारा इमरान को “राष्ट्रीय खतरा” बताना इस संघर्ष का सबसे आक्रामक चरण है, जिसके बाद पाकिस्तान में स्थिरता की संभावनाएँ और कम हो जाएँगी।




