एबीसी नेशनल न्यूज | शिलांग | 11 फरवरी 2026
मेघालय के East Jaintia Hills जिले में एक अवैध कोयला खदान में हुए भीषण विस्फोट में मृतकों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है। हादसा उस समय हुआ जब खदान के भीतर मजदूर काम कर रहे थे। विस्फोट के बाद कई श्रमिक मलबे में दब गए। बचाव दलों ने कई लोगों को बाहर निकाला, लेकिन बड़ी संख्या में मजदूरों की जान नहीं बचाई जा सकी। यह घटना राज्य के खनन क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रही है।
बचाव अभियान जारी, कई मजदूर घायल
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा राहत दल मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। अधिकारियों के अनुसार कुछ मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए थे और कई को दम घुटने की वजह से चोटें आईं। राहत कार्य देर रात तक चलता रहा और मलबा हटाने के लिए भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया गया।
अवैध ‘रैट-होल’ खनन पर फिर उठे सवाल
मेघालय के इस क्षेत्र में लंबे समय से अवैध ‘रैट-होल’ खनन को लेकर विवाद बना हुआ है। सर्वोच्च न्यायालय और National Green Tribunal (NGT) द्वारा प्रतिबंध के बावजूद कई इलाकों में अवैध खनन की गतिविधियों की शिकायतें सामने आती रही हैं। ताजा विस्फोट ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि प्रतिबंध के बावजूद खनन कैसे जारी रहा और सुरक्षा मानकों की निगरानी क्यों नहीं हो सकी।
जांच के आदेश, कार्रवाई का आश्वासन
राज्य सरकार ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि विस्फोट के कारणों का विस्तृत विश्लेषण किया जाएगा और यह भी देखा जाएगा कि अवैध गतिविधियां किन लोगों की मिलीभगत से चल रही थीं। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है।
शोक में डूबा इलाका, मुआवजे की मांग
हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोग पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा और अवैध खनन पर स्थायी रोक की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि बार-बार होने वाले ऐसे हादसों के बावजूद ठोस कदम नहीं उठाए जाते।
हादसा एक बार फिर खनन क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों, कानून के सख्त पालन और प्रशासनिक जवाबदेही की आवश्यकता को रेखांकित करता है।




