राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | चेन्नई | 25 मई 2026
तमिलनाडु की राजनीति में सोमवार को बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला, जब AIADMK के तीन विधायकों ने अपने पद से इस्तीफा देकर सत्तारूढ़ TVK का दामन थाम लिया। विधानसभा अध्यक्ष जे.सी.डी. प्रभाकर ने तीनों विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं, जिसके बाद राज्य की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है।
मदुरंतकम से विधायक मरागथम कुमारावेल, पेरुंदुरई से विधायक एस. जयकुमार और धारापुरम से विधायक पी. सत्यभामा ने सचिवालय पहुंचकर विधानसभा अध्यक्ष को अपना इस्तीफा सौंपा। इसके तुरंत बाद तीनों नेताओं ने TVK नेतृत्व से मुलाकात की, जिससे विपक्ष ने सत्ता पक्ष पर “हॉर्स ट्रेडिंग” यानी विधायकों की खरीद-फरोख्त के आरोप लगा दिए।
AIADMK महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी और AMMK प्रमुख टी.टी.वी. दिनाकरन ने TVK पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता के बल पर विपक्षी विधायकों को तोड़ा जा रहा है। वहीं DMK प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने इस घटनाक्रम पर तंज कसते हुए कहा — “यह हॉर्स ट्रेडिंग नहीं, हॉर्स स्पीड ट्रेडिंग है।”
स्टालिन ने सोशल मीडिया पर लिखा कि जो पार्टी खुद को “साफ-सुथरी राजनीति” की ताकत बता रही थी, अब वही सत्ता के लिए राजनीतिक तोड़फोड़ में जुट गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि तमिलनाडु में लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि AIADMK के भीतर जारी गुटबाजी अब खुलकर सामने आने लगी है। खासतौर पर एस.पी. वेलुमणि गुट से जुड़े नेताओं के लगातार अलग होने से पार्टी की अंदरूनी स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस घटनाक्रम के बाद तमिलनाडु विधानसभा में राजनीतिक समीकरण बदलने की चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दल इसे “लोकतंत्र पर हमला” बता रहे हैं, जबकि TVK खेमे का दावा है कि कई नेता पार्टी की नीतियों और नेतृत्व से प्रभावित होकर स्वेच्छा से जुड़ रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भी यह मामला जमकर ट्रेंड कर रहा है। कुछ लोग इसे तमिलनाडु की बदलती राजनीति का संकेत बता रहे हैं, तो कई यूजर्स इसे चुनाव बाद सत्ता संतुलन बदलने की रणनीति मान रहे हैं।




