नई दिल्ली 12 सितम्बर 2025
भारत सरकार ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में भारतीय पाठ्यक्रम आधारित स्कूलों के विस्तार की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने अबू धाबी में भारतीय स्कूलों के विस्तार की योजना की घोषणा की, जिसका उद्देश्य भारतीय प्रवासी समुदाय की बढ़ती शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करना और भारतीय शैक्षिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों को संरक्षित करना है। इस पहल से न केवल बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, बल्कि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने के लिए तैयार होंगे। मंत्री प्रधान ने कहा कि यह कदम भारत और UAE के बीच शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करेगा, जिससे दोनों देशों के छात्र एक-दूसरे की सांस्कृतिक और शैक्षिक दक्षताओं को समझ सकेंगे।
विस्तार की प्रमुख बातें
UAE में भारतीय स्कूलों के विस्तार की योजना में अगले तीन वर्षों में दस नए CBSE-अधिकार प्राप्त स्कूल खोले जाने की योजना शामिल है, जिनमें दुबई, अबू धाबी, शारजाह और अजमान जैसे प्रमुख शहरों को कवर किया जाएगा। इसके अलावा, IIT दिल्ली के अबू धाबी परिसर में पहला विदेशी अटल इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किया गया है, जो भारतीय और UAE के नवाचारकों के लिए संयुक्त स्टार्ट-अप और रिसर्च परियोजनाओं को बढ़ावा देगा। शिक्षा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इन नए स्कूलों में डिजिटल शिक्षा, STEM और द्विभाषी शिक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे छात्र हिंदी और अंग्रेजी दोनों में दक्ष बनें और ग्लोबल प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ सकें। साथ ही, 500 से अधिक भारतीय शिक्षकों को नवीनतम शिक्षण विधियों और टेक्नोलॉजी-सक्षम शिक्षा के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे बच्चों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले।
UAE में वर्ल्ड-क्लास शिक्षा: अंतरराष्ट्रीय संस्थानों का योगदान
UAE अब शिक्षा के क्षेत्र में दुनिया के प्रमुख शिक्षा केंद्रों में शामिल हो चुका है। यहां कई अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों और प्रतिष्ठित संस्थानों ने अपने कैंपस खोल रखे हैं, जो छात्रों को वैश्विक स्तर की पढ़ाई और रिसर्च का अवसर प्रदान करते हैं। उदाहरण के लिए, MIT (मसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी), यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज, हावर्ड बिज़नेस स्कूल, कार्नेगी मेलन यूनिवर्सिटी और LSE (लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स) जैसे बड़े नाम UAE में सक्रिय हैं। ये संस्थान न केवल उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा, बल्कि इनोवेशन लैब्स, स्टार्ट-अप इकोसिस्टम और डिजिटल रिसर्च सेंटर भी प्रदान करते हैं।
दुबई, अबू धाबी और शारजाह जैसे शहर छात्रों को इंटरनेशनल नेटवर्किंग, ग्लोबल करियर ऑप्शन और मल्टीकल्चरल एक्सपोजर का अवसर देते हैं। इससे छात्रों को न केवल शैक्षिक दक्षता, बल्कि वैश्विक परिप्रेक्ष्य और अंतरराष्ट्रीय करियर के अवसर भी प्राप्त होते हैं। UAE में भारतीय छात्रों के लिए यह अवसर एक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय शिक्षा का संगम बनाता है, जो उन्हें अपने करियर और रिसर्च में नई ऊँचाइयों तक पहुँचने की प्रेरणा देता है।
भारत-यूएई शिक्षा सहयोग की मुख्य उपलब्धियाँ
- UAE में अब तक 109 CBSE-अधिकार प्राप्त स्कूल हैं।
- IIT दिल्ली के अबू धाबी में नए B.Tech और Ph.D. कार्यक्रम हैं।
- अटल इनक्यूबेशन सेंटर की स्थापना से नवाचार और स्टार्ट-अप को बढ़ावा मिलेगा।
- संस्कृति और शिक्षा के आदान-प्रदान के लिए संयुक्त कार्यक्रमों की योजना बनाई जा रही है।
इस पहल से भारतीय छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे और भारतीय शैक्षिक मानकों का वैश्विक स्तर पर प्रचार-प्रसार होगा। इसके साथ ही, भारतीय प्रवासी परिवार अपने बच्चों के लिए विश्वसनीय और प्रमाणित शैक्षिक विकल्प का लाभ उठा सकेंगे।
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