दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल 3 पर मंगलवार दोपहर करीब 1 बजे एक बड़ा हादसा हो गया। एयर इंडिया की ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी एआई एसएटीएस (AI SATS) द्वारा संचालित एक सीएनजी से चलने वाली पैसेंजर बस में अचानक आग लग गई, जो एक एयर इंडिया विमान के महज कुछ फीट दूर बे नंबर 32 के पास खड़ी थी। यह घटना एयरसाइड पर हुई, जहां विमान टैक्सिंग एरिया में खड़े होते हैं, और बस को पैसेंजर शटल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। सौभाग्य से बस खाली थी और कोई यात्री सवार नहीं था, इसलिए कोई हताहत नहीं हुआ।
एयरपोर्ट की फायर सर्विस टीम ने फौरन कार्रवाई करते हुए 2-3 मिनट के अंदर आग पर काबू पा लिया, जिससे आसपास के विमानों या एयरपोर्ट के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा। डीआईएएल (दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड) ने इसे ‘एक अनियोजित घटना’ करार देते हुए कहा कि जांच के बाद ही आग का सटीक कारण पता चलेगा, लेकिन प्रारंभिक आशंका शॉर्ट सर्किट की है।
यह घटना एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है, खासकर तब जब टर्मिनल 3 दुनिया के सबसे व्यस्त टर्मिनलों में से एक है और सालाना 4 करोड़ से अधिक यात्रियों को संभालता है।
वीडियो फुटेज में दिखाई दे रहा है कि बस के इंजन के पास से शुरू हुई आग तेजी से पूरे वाहन को लपेट लेती है, और काले धुएं का गुबार आसमान छू रहा है। एयरपोर्ट के एयरसाइड पर यह बस यात्रियों को गेट से विमानों तक पहुंचाने के लिए इस्तेमाल होती है, और घटना के समय यह पार्क्ड मोड में थी। सीनियर एयरपोर्ट अधिकारी ने बताया, “आग लगते ही अलर्ट जारी कर दिया गया। हमारी इन-हाउस फायर टीम ने तुरंत पहुंचकर स्थिति संभाल ली। दिल्ली फायर सर्विस को कॉल करने की जरूरत नहीं पड़ी, क्योंकि हमने इसे इंटरनली मैनेज किया।” एआई एसएटीएस के एक प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पूरा पालन कर रही है और बस को साइट से हटा दिया गया है। जांच के लिए एक्सपर्ट टीम गठित की गई है, जिसमें इलेक्ट्रिकल सिस्टम और सीएनजी किट की जांच शामिल होगी।
एयरपोर्ट अधिकारियों के मुताबिक, इस घटना से कोई उड़ान प्रभावित नहीं हुई। टर्मिनल 3 पर सामान्य संचालन जारी रहा, और यात्रियों को कोई असुविधा नहीं हुई। हालांकि, विपक्षी नेता और सोशल मीडिया यूजर्स ने एयरपोर्ट की रखरखाव व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने ट्वीट किया, “दिल्ली एयरपोर्ट पर लगातार हो रही ऐसी घटनाएं सरकार की लापरवाही को दर्शाती हैं। क्या मोदी जी के ‘विकसित भारत’ में एयरपोर्ट की बेसिक सेफ्टी भी खतरे में है?” वहीं, एविएशन मिनिस्ट्री ने कहा कि वह पूरे मामले की निगरानी कर रही है और रिपोर्ट का इंतजार करेगी।
यह घटना हाल ही में अन्य एयरपोर्ट हादसों की याद दिला रही है, जैसे कि गन्नवरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर सॉफ्टवेयर उपकरणों में लगी आग या जयपुर में बस सिलेंडर ब्लास्ट। विशेषज्ञों का कहना है कि सीएनजी बसों में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए नियमित मेंटेनेंस जरूरी है।
एयर इंडिया ने एक बयान जारी कर कहा, “हमारी प्राथमिकता हमेशा यात्री सुरक्षा रही है। इस घटना में कोई चोट नहीं लगी, और हम सहयोगी एआई एसएटीएस के साथ मिलकर जांच में पूरा सहयोग करेंगे।” डीआईएएल ने यात्रियों से अपील की कि वे सामान्य रूप से यात्रा करें और किसी भी संदेहास्पद स्थिति की सूचना दें। यह हादसा एयरपोर्ट के व्यस्त समय में हुआ, जब चहाथ पूजा की छुट्टियों के कारण यात्रियों की संख्या बढ़ रही थी। फिलहाल, जांच जारी है, और आने वाले दिनों में आग का कारण स्पष्ट होने की उम्मीद है।
यह घटना न सिर्फ एयरपोर्ट प्रबंधन के लिए सबक है, बल्कि पूरे एविएशन सेक्टर के लिए सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की चेतावनी भी। दिल्ली एयरपोर्ट, जो चार रनवे और तीन टर्मिनल के साथ सालाना 10 करोड़ यात्रियों को संभालता है, ऐसी घटनाओं से अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए और सतर्क रहने को बाध्य हो गया है।




