राष्ट्रीय / अपराध | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली, 7 अप्रैल 2026
लेखिका, सामाजिक कार्यकर्ता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पूर्व समर्थक माधु पूर्णिमा किश्वर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बेहद विवादास्पद और गंभीर पोस्ट लिखकर देश की राजनीति में तहलका मचा दिया है। किश्वर ने प्रधानमंत्री पर सीधे-सीधे यौन अपराधों का आरोप लगाते हुए दावा किया कि उनके द्वारा किए गए ऐसे अपराध औद्योगिक स्तर यानी ‘इंडस्ट्रियल स्केल’ पर हैं। उन्होंने आगे कहा कि मोदी शुद्ध और बिना किसी मिलावट वाली बुराई यानी ‘प्योर अनएडल्टरेटेड ईविल’ हैं। इस पोस्ट में उन्होंने अपनी पुरानी किताब ‘मोदीनामा’ के दूसरे भाग को लिखने की घोषणा भी कर दी है जिसे वे अपने पिछले समर्थन के लिए प्रायश्चित के रूप में देख रही हैं।
माधु पूर्णिमा किश्वर ने अपने पोस्ट में लिखा कि उन्हें पहले भी पता था कि प्रधानमंत्री ने अनेक अपराध किए हैं लेकिन यह जानकारी उनके लिए नई और चौंकाने वाली थी कि उनके यौन अपराध भी इतने बड़े पैमाने पर हैं। उन्होंने दावा किया कि अब उन लोगों से लगातार नई-नई जानकारियां आ रही हैं जो मोदी को गुजरात के मुख्यमंत्री काल से निकटता से जानते हैं। किश्वर ने स्पष्ट रूप से लिखा कि अगर वे मोदी को जिंदा बचा पाईं तो उनकी अगली किताब ‘मोदीनामा पार्ट टू’ मोदी के अपराधों का संकलन होगी। यह किताब उनके लिए प्रायश्चित होगी क्योंकि उन्होंने पहले यह समझने में असफलता दिखाई थी कि मोदी शुद्ध बुराई हैं। यह पोस्ट मात्र कुछ घंटों में लाखों लोगों तक पहुंच गया और राजनीतिक हलकों में तीखी बहस छिड़ गई है।
माधु पूर्णिमा किश्वर ‘मनुशी’ पत्रिका की संस्थापक संपादक और सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसाइटीज की पूर्व प्रोफेसर रह चुकी हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव के समय वे प्रधानमंत्री मोदी की सबसे मुखर समर्थकों में शामिल थीं। उन्होंने उस समय मोदी की छवि को सकारात्मक तरीके से पेश करने वाली किताब ‘मोदीनामा’ भी लिखी थी जिसकी काफी चर्चा हुई थी। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने सरकार की कुछ नीतियों पर असहमति जताई और अब इस पोस्ट के जरिए उन्होंने पूरी तरह से मोदी विरोधी रुख अपनाते हुए दिखाया है। उनके इस बयान को कई लोग उनकी निराशा और पुरानी नाराजगी का नतीजा मान रहे हैं जबकि कुछ लोग इसे विपक्षी दलों की साजिश का हिस्सा भी बता रहे हैं।
अभी तक भारतीय जनता पार्टी या केंद्र सरकार की ओर से इस गंभीर आरोप पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। सोशल मीडिया पर हालांकि इस पोस्ट को लेकर जबरदस्त बहस चल रही है। कुछ लोग किश्वर का समर्थन कर रहे हैं तो ज्यादातर भाजपा समर्थक इसे बेबुनियाद, बदले की भावना से किया गया हमला बता रहे हैं। विपक्षी दलों के कुछ छोटे-मोटे नेता इस पोस्ट को शेयर कर रहे हैं लेकिन किसी बड़े विपक्षी नेता ने अभी तक इस मुद्दे पर औपचारिक बयान नहीं दिया है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि किश्वर के ये आरोप बेहद गंभीर हैं लेकिन इनके समर्थन में अभी तक कोई ठोस सबूत, दस्तावेज या अदालती रिकॉर्ड सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है। ये आरोप पूरी तरह से व्यक्तिगत दावों और कथित स्रोतों पर आधारित बताए जा रहे हैं। भारत में मानहानि के सख्त कानून हैं और अगर ये आरोप गलत साबित होते हैं तो किश्वर पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। ‘मोदीनामा पार्ट टू’ अभी सिर्फ घोषणा भर है। अगर यह किताब वाकई लिखी और प्रकाशित हुई तो निश्चित रूप से देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर देगी।
यह घटना एक बार फिर यह दिखाती है कि राजनीति में पूर्व समर्थक कितनी तेजी से आलोचक बन सकते हैं और सोशल मीडिया पर एक पोस्ट कितनी बड़ी बहस पैदा कर सकता है। पूरी घटना पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं कि आगे क्या होता है और भाजपा या सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है।




