एबीसी नेशनल न्यूज | वॉशिंगटन | 24 फरवरी 2026
अमेरिका की व्यापार नीति पर बड़ा कानूनी टकराव सामने आया है। वैश्विक लॉजिस्टिक्स दिग्गज FedEx ने राष्ट्रपति Donald Trump के आपातकालीन टैरिफ को लेकर अमेरिकी कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड का दरवाजा खटखटाया है और इन टैरिफ के तहत चुकाई गई रकम वापस मांगी है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ को अवैध ठहराए जाने के बाद यह मुकदमा आर्थिक और राजनीतिक दोनों लिहाज से अहम माना जा रहा है।
फेडएक्स का तर्क है कि आपातकालीन आधार पर लगाए गए टैरिफ ने उसकी आयात लागत और संचालन खर्च को काफी बढ़ा दिया, जिससे वैश्विक सप्लाई चेन पर दबाव पड़ा। अब कंपनी अदालत से न सिर्फ रिफंड बल्कि भविष्य में ऐसी नीतियों पर स्पष्ट कानूनी दिशा भी चाहती है।
यह मुकदमा सिर्फ एक कंपनी की लड़ाई नहीं है, बल्कि अमेरिकी व्यापार ढांचे के लिए बड़ी परीक्षा बन सकता है। अगर अदालत ने फेडएक्स के पक्ष में फैसला दिया तो कई अन्य कंपनियां भी सरकार से टैरिफ की वापसी की मांग लेकर अदालत पहुंच सकती हैं।
कानूनी जानकारों का कहना है कि इस मामले में अदालत को यह तय करना होगा कि अवैध घोषित टैरिफ से प्रभावित कंपनियों को किस हद तक राहत मिल सकती है और सरकार की वित्तीय जिम्मेदारी कितनी बनेगी। इससे अमेरिकी प्रशासन पर अरबों डॉलर के संभावित रिफंड का दबाव भी बन सकता है।
वैश्विक बाजार में इस खबर के बाद हलचल देखी जा रही है, क्योंकि टैरिफ विवाद सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार, लॉजिस्टिक्स लागत और सप्लाई चेन रणनीतियों को प्रभावित करते हैं।
यह मुकदमा आने वाले समय में अमेरिका की टैरिफ नीति, व्यापार वार्ताओं और कंपनियों के भरोसे पर दूरगामी असर डाल सकता है — जिससे कानूनी लड़ाई के साथ राजनीतिक बहस भी तेज होने के संकेत हैं।




