अवधेश कुमार | नई दिल्ली 7 जनवरी 2026
दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में सोमवार देर रात उस वक्त हालात तनावपूर्ण हो गए, जब नगर निगम (MCD) ने फैज़-ए-इलाही मस्जिद के पास कथित अवैध निर्माण हटाने के लिए डिमोलिशन ड्राइव शुरू की। रात के अंधेरे में अचानक भारी पुलिस बल और 32 बुलडोज़र इलाके में पहुंचे, जिससे स्थानीय लोगों में घबराहट और नाराज़गी फैल गई। देखते ही देखते माहौल गर्म हो गया और बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। स्थानीय लोगों का कहना है कि कार्रवाई रात के समय की गई, जब इलाके के लोग घरों में थे और कई दुकानें बंद हो चुकी थीं। जैसे ही बुलडोज़र चलने लगे, विरोध शुरू हो गया। कुछ जगहों पर नारेबाज़ी, धक्का-मुक्की और पथराव की खबरें भी सामने आईं। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान प्रशासन ने 38940 वर्ग फीट जमीन अतिक्रमण से मुक्त कराई।
पुलिस और प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई अवैध निर्माण के खिलाफ तय प्रक्रिया के तहत की गई थी और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक, किसी भी धार्मिक ढांचे को नुकसान पहुंचाने का इरादा नहीं था, बल्कि उसके आसपास बने अवैध निर्माण को हटाया गया। हालांकि, स्थानीय लोग इस कार्रवाई के समय और तरीके पर सवाल उठा रहे हैं।
इस पूरी घटना के दौरान कई घंटे तक तुर्कमान गेट और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल बना रहा। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेने की बात भी कही है, जबकि स्थिति को नियंत्रित करने के बाद बुलडोज़र कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया। देर रात तक इलाके में भारी पुलिस तैनाती बनी रही।
तुर्कमान गेट की यह कार्रवाई एक बार फिर डिमोलिशन ड्राइव, धार्मिक स्थल के आसपास निर्माण और प्रशासनिक सख्ती जैसे संवेदनशील मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ले आई है। स्थानीय लोग शांति और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, वहीं प्रशासन कानून के तहत कार्रवाई करने की बात कह रहा है।




