एबीसी नेशनल न्यूज | पटना | 18 फरवरी 2026
पटना के बहुचर्चित शिक्षक और लाखों छात्रों के प्रेरणास्रोत Khan Sir ने एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज़ से सार्वजनिक विमर्श में हलचल पैदा कर दी है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले खान सर (फैज़ल खान) का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने धर्म और राजनीति के संबंध पर तीखी लेकिन विचारोत्तेजक टिप्पणी की है।
खान सर ने अपने संबोधन में कहा,“धर्म की बातें अगर कोई धर्मगुरु बोले तो अच्छे से सुनिए। धर्म की बात कोई शंकराचार्य, पुजारी, पादरी या मौलवी बोले तो ध्यान से सुनिए। लेकिन जिस दिन धर्म की बात कोई नेता बोलने लगे, तो समझ जाइए कि वह बेरोजगारी छुपा रहा है, महंगाई छुपा रहा है, पेपर लीक छुपा रहा है और अपनी नाकामी छुपा रहा है।”
यह बयान 17–18 फरवरी 2026 के आसपास सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर तेजी से वायरल हुआ। कई यूजर्स ने वीडियो क्लिप साझा करते हुए इसे युवाओं की आवाज बताया। पोस्ट्स पर हजारों लाइक्स, रीपोस्ट्स और लाखों व्यूज दर्ज किए गए हैं, जिससे साफ है कि यह टिप्पणी व्यापक चर्चा का विषय बन चुकी है।
शिक्षा मंच से राजनीतिक संदेश
खान सर पहले भी बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था की कमियों और प्रशासनिक पारदर्शिता जैसे मुद्दों पर मुखर रहे हैं। बिहार में हाल के वर्षों में BPSC और अन्य परीक्षाओं से जुड़े विवादों के बीच उनका यह बयान छात्र समुदाय के बीच खासा प्रभाव डाल रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह वक्तव्य युवाओं को मूल मुद्दों—रोजगार, महंगाई, शिक्षा और पारदर्शिता—पर ध्यान केंद्रित करने का संदेश देता है। हालांकि खान सर ने किसी राजनीतिक दल का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान को अलग-अलग राजनीतिक नजरिए से देखा जा रहा है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और बहस
राजनीतिक हलकों में इस बयान को लेकर मिश्रित प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे युवाओं को जागरूक करने वाला साहसिक वक्तव्य बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे अप्रत्यक्ष राजनीतिक टिप्पणी के रूप में देख रहे हैं।
फिलहाल इतना तय है कि शिक्षा के मंच से दिया गया यह बयान अब राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बन चुका है। सवाल वही है — क्या राजनीति का फोकस मूल समस्याओं पर होना चाहिए या भावनात्मक मुद्दों पर?
खान सर का यह वीडियो फिलहाल सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है और छात्र समुदाय के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।





