एबीसी नेशनल न्यूज | मॉस्को/नई दिल्ली | 1 मार्च 2026
रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei और उनके परिवार की मौत की कड़ी निंदा की है। क्रेमलिन की ओर से जारी आधिकारिक बयान में पुतिन ने इस घटना को “निंदनीय हत्या” बताते हुए कहा कि यह मानव नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन है। उन्होंने इसे एक खतरनाक कदम करार दिया, जो क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक शांति के लिए गंभीर परिणाम पैदा कर सकता है।
राष्ट्रपति पुतिन ने ईरान के नेतृत्व और जनता के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि रूस इस दुख की घड़ी में ईरान के साथ खड़ा है। उन्होंने खामेनेई को एक प्रभावशाली और दृढ़ नेता बताया, जिन्होंने रूस और ईरान के बीच रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुतिन के अनुसार, दोनों देशों के बीच पिछले वर्षों में रक्षा, ऊर्जा और क्षेत्रीय सहयोग के क्षेत्रों में जो साझेदारी विकसित हुई, उसमें खामेनेई का योगदान अहम रहा।
क्रेमलिन के बयान में यह भी कहा गया कि किसी भी देश के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए चिंताजनक संकेत है। रूस ने सभी पक्षों से संयम बरतने और आगे सैन्य कार्रवाई से बचने की अपील की है। मॉस्को का कहना है कि मौजूदा हालात को कूटनीतिक माध्यमों से सुलझाया जाना चाहिए, ताकि व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष को रोका जा सके।
रूस की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब मध्य पूर्व में तनाव चरम पर है। खामेनेई की मौत के बाद ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच टकराव तेज हो गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई देशों ने इस घटनाक्रम पर चिंता जताई है। संयुक्त राष्ट्र में भी हालात पर चर्चा जारी है और युद्धविराम तथा संवाद की अपील की जा रही है।
विश्लेषकों का मानना है कि रूस का यह बयान केवल एक कूटनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को लेकर उसकी रणनीतिक चिंता को भी दर्शाता है। आने वाले दिनों में मॉस्को की भूमिका मध्य पूर्व की स्थिति को प्रभावित कर सकती है। फिलहाल रूस ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इस घटना को अंतरराष्ट्रीय कानून के विरुद्ध मानता है और आगे किसी भी सैन्य विस्तार को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है।




