एबीसी नेशनल न्यूज | मुंबई | 18 फरवरी 2026
नई दिल्ली/इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और विश्व कप विजेता कप्तान इमरान खान की सेहत को लेकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में चिंता गहराती दिख रही है। भारत सहित विभिन्न देशों के कुल 14 पूर्व क्रिकेटरों ने पाकिस्तान सरकार को एक संयुक्त पत्र लिखकर इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति, सुरक्षा और बुनियादी अधिकारों को सुनिश्चित करने की अपील की है। इस पत्र पर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान Kapil Dev, महान बल्लेबाज़ Sunil Gavaskar समेत कई दिग्गज खिलाड़ियों के हस्ताक्षर बताए जा रहे हैं। पत्र में कहा गया है कि इमरान खान केवल एक राजनेता ही नहीं, बल्कि विश्व क्रिकेट के ऐसे व्यक्तित्व हैं जिन्होंने खेल के इतिहास में अमिट छाप छोड़ी है, इसलिए उनके साथ किसी भी प्रकार की अमानवीय या उपेक्षापूर्ण स्थिति न हो, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
पूर्व क्रिकेटरों ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि 1992 में पाकिस्तान को विश्व कप जिताने वाले कप्तान के रूप में इमरान खान ने न केवल अपने देश बल्कि पूरी क्रिकेट बिरादरी का सम्मान बढ़ाया। उन्होंने खेल को एक नई ऊंचाई दी और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित किया। ऐसे में जेल में उनकी सेहत को लेकर सामने आ रही खबरें चिंताजनक हैं। पत्र में यह भी कहा गया है कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन एक पूर्व खिलाड़ी और वैश्विक खेल प्रतीक के साथ मानवीय व्यवहार होना चाहिए। खिलाड़ियों ने आग्रह किया है कि उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं, नियमित स्वास्थ्य जांच और परिवार से संपर्क की पर्याप्त व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए।
गौरतलब है कि इमरान खान इन दिनों विभिन्न कानूनी मामलों में पाकिस्तान की जेल में बंद हैं। उनकी पार्टी लगातार आरोप लगाती रही है कि उनके खिलाफ की जा रही कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध का परिणाम है, जबकि पाकिस्तान सरकार इन आरोपों को सिरे से खारिज करती रही है और कहती है कि कानून अपना काम कर रहा है। इस बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई मानवाधिकार संगठनों और खेल जगत के लोगों ने भी उनकी सेहत को लेकर चिंता जताई है।
भारत-पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक और क्रिकेट प्रतिद्वंद्विता के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों का इस मुद्दे पर आगे आना खेल भावना और मानवीय दृष्टिकोण का उदाहरण माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम किसी राजनीतिक समर्थन से अधिक एक खिलाड़ी के सम्मान और उसके स्वास्थ्य को लेकर उठाई गई चिंता के रूप में देखा जाना चाहिए। फिलहाल पाकिस्तान सरकार की ओर से इस पत्र पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन क्रिकेट जगत में इस पहल को लेकर व्यापक चर्चा जारी है।




