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जन्माष्टमी 2025: कब है सही तारीख? जानें मुहूर्त, पारण और पूजा का समय

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नई दिल्ली 13 अगस्त 2025

 जन्माष्टमी हिंदुओं का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जो भगवान श्रीकृष्ण के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है। हर साल इस त्योहार की तिथि चंद्र कैलेंडर के अनुसार बदलती रहती है। 2025 में जन्माष्टमी कब मनाई जाएगी, इस बारे में लोगों में काफ़ी भ्रम बना हुआ है। क्या यह 15 अगस्त, 16 अगस्त या 17 अगस्त को होगी? आइए इस खबर में जानें 2025 की जन्माष्टमी की सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पारण का समय।

जन्माष्टमी 2025 की तारीख

विभिन्न पंचांगों और ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, जन्माष्टमी 2025 में 16 अगस्त को मनाई जाएगी। यह दिन कृष्ण जन्माष्टमी के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है क्योंकि इस दिन कृष्ण का जन्म रात्रि के मध्य में हुआ था। कुछ स्थानों पर 15 अगस्त की रात को भी जन्माष्टमी की पूजा की जाती है, लेकिन मुख्य उत्सव 16 अगस्त की रात से प्रारंभ होगा।

शुभ मुहूर्त और पूजा का समय

जन्माष्टमी का सबसे शुभ समय रात्रि के लगभग 12:00 बजे से लेकर 1:30 बजे तक माना जाता है। इस समय भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था, इसलिए यह घड़ी विशेष पवित्र मानी जाती है। भक्तजन इस समय भगवान कृष्ण की पूजा, भजन-कीर्तन और उपवास का आयोजन करते हैं।

पारण कब करें?

जन्माष्टमी का पारण 17 अगस्त को सुबह के समय किया जाएगा। पारण का समय सुबह 5:30 बजे से 7:00 बजे के बीच रखा गया है। उपवास रखने वाले लोग इस समय तक अपना पारण कर सकते हैं। पारण करने से पहले स्नान और पूजा का विधिवत अनुष्ठान करना शुभ माना जाता है।

जन्माष्टमी के खास त्योहारिक आयोजन

भारत भर में जन्माष्टमी बड़े धूमधाम से मनाई जाती है। मंदिरों में विशेष पूजा, रासलीला के आयोजन और भक्तों द्वारा झांकियाँ निकाली जाती हैं। उत्तर भारत के साथ-साथ महाराष्ट्र, गुजरात, दक्षिण भारत और अन्य राज्यों में भी यह त्योहार अपने रंग रूप में भिन्न होता है। इस दिन भगवान कृष्ण की कथा सुनाई जाती है और माखन चोरी की रस्म भी होती है। 

2025 में जन्माष्टमी का मुख्य दिन 16 अगस्त है, जब भक्तजन रात्रि में भगवान कृष्ण के जन्म का उत्सव मनाएंगे। पारण 17 अगस्त की सुबह करना शुभ रहेगा। इस पावन अवसर पर भक्तजन अपने-अपने घरों और मंदिरों में पूजा-अर्चना कर भगवान कृष्ण की भक्ति में लीन हो जाएंगे।

 

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