एबीसी नेशनल न्यूज | रोम | 14 मार्च 2026
मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि इटली अमेरिका के नेतृत्व वाले किसी भी सैन्य अभियान का हिस्सा नहीं बनेगा और ईरान के खिलाफ संभावित युद्ध में अपनी सेना नहीं भेजेगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मेलोनी ने कहा कि इटली की प्राथमिकता युद्ध नहीं बल्कि कूटनीतिक समाधान है। उन्होंने चेतावनी दी कि मध्य-पूर्व पहले से ही अत्यंत संवेदनशील दौर से गुजर रहा है और किसी भी नए सैन्य टकराव से पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और हिंसा का दायरा और बढ़ सकता है।
इटली की प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि तनाव कम करने के लिए संवाद, कूटनीति और राजनीतिक समाधान को प्राथमिकता दी जाए। उनका कहना है कि यदि संघर्ष बढ़ता है तो इसका असर केवल मध्य-पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि वैश्विक स्थिरता पर भी गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
इटली के इस रुख को अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। यूरोप के कई देशों में भी ईरान के मुद्दे पर सैन्य कार्रवाई के बजाय बातचीत और कूटनीतिक रास्ता अपनाने की मांग उठती रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इटली वास्तव में अमेरिकी नेतृत्व वाले संभावित सैन्य अभियान से दूरी बनाए रखता है तो इससे यूरोपीय देशों के भीतर नई बहस शुरू हो सकती है और पश्चिमी गठबंधन की रणनीति पर भी असर पड़ सकता है।मध्य-पूर्व के कई इलाकों में तनाव बना हुआ है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार अपील कर रहा है कि किसी भी बड़े सैन्य टकराव से बचने के लिए कूटनीतिक प्रयासों को मजबूत किया जाए।




