एबीसी नेशनल न्यूज | तेल अवीव/तेहरान/बेरूत | 2 मार्च 2026
इज़राइल ने ईरान की राजधानी तेहरान पर एक बार फिर नए हवाई हमले किए हैं और अपनी सैन्य कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए लेबनान में ईरान समर्थित हिज़्बुल्लाह के ठिकानों को भी निशाना बनाया है। इज़राइली सेना के मुताबिक यह अभियान ईरान की सैन्य संरचनाओं और उसके सहयोगी समूहों की क्षमताओं को कमजोर करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
तेहरान से मिली शुरुआती रिपोर्टों में शहर के कई हिस्सों में तेज धमाकों की आवाज़ें सुनाई देने और धुएं के गुबार उठने की जानकारी सामने आई है। हालांकि आधिकारिक तौर पर नुकसान और हताहतों का विस्तृत आंकड़ा जारी नहीं किया गया है। इज़राइल डिफेंस फोर्स (IDF) ने कहा है कि हमले “रणनीतिक और सैन्य लक्ष्यों” पर केंद्रित थे।
इसी बीच लेबनान के दक्षिणी हिस्सों में भी हवाई हमलों की खबरें आई हैं, जहां हिज़्बुल्लाह के ठिकानों को निशाना बनाया गया। इज़राइल का आरोप है कि हिज़्बुल्लाह ईरान के समर्थन से क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमलों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। लेबनानी सूत्रों ने कई इलाकों में विस्फोट और सुरक्षा बलों की हलचल की पुष्टि की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के खिलाफ जारी संयुक्त अमेरिकी-इज़राइली सैन्य अभियान कई सप्ताह तक चल सकता है। उन्होंने कहा कि यदि ईरान अपनी गतिविधियां नहीं रोकता, तो कार्रवाई जारी रहेगी। ट्रंप के इस बयान से संकेत मिलता है कि यह संघर्ष लंबा खिंच सकता है।
इस बीच क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। खाड़ी देशों ने सुरक्षा सतर्कता बढ़ा दी है, कई एयरलाइंस ने उड़ानों को रद्द या डायवर्ट किया है और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अस्थिरता देखी जा रही है। संयुक्त राष्ट्र और कई देशों ने संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान खोजने की अपील की है।
इज़राइल द्वारा अभियान का दायरा लेबनान तक बढ़ाना संकेत देता है कि यह टकराव केवल ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, उसके क्षेत्रीय सहयोगियों को भी प्रभावित करेगा। फिलहाल हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं और आने वाले दिनों में घटनाक्रम किस दिशा में जाएगा, इस पर पूरी दुनिया की नजर है।




