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SIR साज़िश में फँसा लोकतंत्र? कांग्रेस बोली—अब BLO की मौतें भी बता रही हैं सच

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महेंद्र सिंह  | नई दिल्ली 18 नवंबर 2025

कांग्रेस पार्टी ने केंद्र की मोदी सरकार और चुनाव आयोग पर अभूतपूर्व आरोप लगाते हुए कहा है कि पूरे देश में SIR (Special Identification Register) लागू करवाने की प्रक्रिया लोकतंत्र के साथ बड़ा खिलवाड़ है। पार्टी के अनुसार, यह कोई साधारण सरकारी कवायद नहीं, एक “गहरी साज़िश” है जिसके ज़रिये मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ की जा रही है। कांग्रेस ने कहा कि सरकार और चुनाव आयोग मिलकर SIR को देशभर में तेजी से लागू करवा रहे हैं, जबकि यह जगज़ाहिर है कि SIR को ‘वोट चोरी’ के लिए सबसे खतरनाक टूल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा आरोप लगाया कि उनकी अगुवाई में प्रशासन SIR को चुनाव जीतने का गुप्त हथियार बना रहा है — और यह लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने की कोशिश है।

“SIR दरअसल वोटर सूची से छेड़छाड़ का ज़रिया”—कांग्रेस का दावा और चुनावी पारदर्शिता पर बड़ा सवाल

कांग्रेस ने कहा कि SIR को तकनीकी सुधार बताकर पेश किया जा रहा है, जबकि इसके असली उद्देश्य छिपाए जा रहे हैं। पार्टी का आरोप है कि SIR के माध्यम से असल मतदाताओं के नाम हटाना, नए संदिग्ध नाम जोड़ना और बूथों पर “फेवर किए गए वोट बैंक” का निर्माण करना आसान हो जाता है। यह ऐसा उपकरण है जिसे गंभीर तकनीकी और कानूनी कमियों के बावजूद ज़बरन लागू किया जा रहा है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि अगर सब ठीक है तो SIR के लिए BLO को रात-दिन दबाव में क्यों रखा जा रहा है? क्यों कई राज्यों से शिकायतें आ रही हैं कि SIR के नाम पर बूथों पर राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ गया है? पार्टी ने कहा कि चुनाव आयोग को इस पूरी प्रक्रिया की तात्कालिक समीक्षा करनी चाहिए और सरकार को SIR थोपने से रोका जाना चाहिए, क्योंकि इससे देश की चुनावी स्वायत्तता पर बेहद नकारात्मक असर पड़ रहा है।

सबसे दुखद पहलू — BLO पर इतना दबाव कि कई राज्यों में मौतें, आत्महत्याएँ… कांग्रेस बोली: “यह लोकतंत्र की चेतावनी है, सिस्टम की विफलता है”

कांग्रेस ने सबसे गंभीर चिंता यह जताई कि SIR प्रक्रिया के दौरान देशभर में BLO (Booth Level Officer) पर इतना अत्यधिक दबाव बनाया जा रहा है कि कई BLO तनाव, मानसिक पीड़ा और काम के बोझ से टूटकर मौत को गले लगा रहे हैं। पार्टी ने दावा किया कि कई राज्यों में BLO की आत्महत्याएँ सामने आई हैं, और यह कोई सामान्य घटना नहीं — बल्कि चुनावी सिस्टम के भीतर छिपे भारी तनाव और जबरन डाले जा रहे बोझ का परिणाम है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि BLO को बिना प्रशिक्षण, बिना पर्याप्त संसाधनों और बिना मानवता के, SIR रिपोर्टें पूरी करने का आदेश दिया जा रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सिर से लेकर ज़मीनी स्तर तक चुनाव आयोग का प्रशासन BLO को धमका रहा है कि अगर SIR पूरा नहीं हुआ तो वे निलंबन, वेतन रोक या विभागीय कार्रवाई झेलेंगे। यह परिस्थिति किसी भी लोकतांत्रिक देश के लिए शर्मनाक है। “मौतें यदि चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा बनने लगें, तो यह सिर्फ त्रासदी नहीं — लोकतंत्र की अंतिम चेतावनी है,” कांग्रेस ने कहा।

ज्ञानेश कुमार पर कांग्रेस का सीधा निशाना—“अनैतिक और अमानवीय दबाव डाल रहे हैं; BLO की मौतों के लिए उन्हें जवाब देना होगा”

कांग्रेस ने चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारी ज्ञानेश कुमार पर भी कड़े आरोप लगाए। पार्टी ने कहा कि वे पूरी प्रक्रिया को गलत तरीके से चला रहे हैं और BLO पर अनैतिक दबाव डाला जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं—क्या वे राजनीतिक दबाव में SIR को ही ‘इलेक्शन इंजीनियरिंग टूल’ बना रहे हैं?

पार्टी का कहना है कि SIR के नाम पर जितना दबाव निचले स्तर के कर्मचारियों पर डाला जा रहा है, वह प्रशासनिक मर्यादाओं और मानवाधिकार दोनों का उल्लंघन है। उन्होंने मांग की कि BLO की मौतों की उच्च-स्तरीय जांच हो और पूरे SIR सिस्टम को तत्काल रोककर इसकी पारदर्शिता की जाँच की जाए।

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