एबीसी नेशनल न्यूज | तेहरान | 7 मार्च 2026
अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के आठवें दिन हालात और अधिक तनावपूर्ण हो गए हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने ईरान से “बिना शर्त आत्मसमर्पण” करने को कहा था। पेज़ेशकियन ने कहा कि ईरान कभी भी आत्मसमर्पण नहीं करेगा और ऐसी उम्मीदें केवल “ख्वाब” हैं।
सरकारी टीवी पर प्रसारित अपने रिकॉर्डेड संबोधन में राष्ट्रपति पेज़ेशकियन ने कहा कि ईरानी जनता के आत्मसमर्पण का सपना देखने वाले अपने इस ख्वाब को कब्र तक लेकर जाएंगे। उन्होंने कहा कि देश अपनी संप्रभुता, स्वतंत्रता और सुरक्षा की रक्षा के लिए हर कीमत पर खड़ा रहेगा।
हालांकि अपने भाषण में उन्होंने खाड़ी क्षेत्र के पड़ोसी देशों से दुर्लभ रूप से माफी भी मांगी। उन्होंने स्वीकार किया कि हाल के सैन्य हमलों के दौरान कुछ ऐसी कार्रवाइयाँ हुईं जिनसे पड़ोसी देशों को चिंता या नुकसान पहुंचा। पेज़ेशकियन ने कहा कि ईरान व्यक्तिगत रूप से उन देशों से क्षमा चाहता है जो इन घटनाओं से प्रभावित हुए हैं।
राष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान किसी भी पड़ोसी देश को निशाना नहीं बनाएगा, जब तक कि वहां की जमीन या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि ईरान की अंतरिम नेतृत्व परिषद ने यह निर्णय लिया है कि फिलहाल पड़ोसी देशों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई रोक दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि ईरान की नीति पूरी तरह रक्षात्मक है और देश क्षेत्र में स्थिरता चाहता है। पेज़ेशकियन के अनुसार ईरान नहीं चाहता कि मौजूदा टकराव पूरे खाड़ी क्षेत्र में फैल जाए, इसलिए पड़ोसी देशों के साथ शांति और सहयोग बनाए रखना जरूरी है।
दरअसल पिछले सप्ताह अमेरिका और इज़रायल द्वारा किए गए संयुक्त हवाई हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद यह संघर्ष तेजी से बढ़ गया। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इज़रायल के साथ-साथ उन खाड़ी देशों को भी निशाना बनाया जहां अमेरिकी सैन्य ठिकाने मौजूद हैं।
इसी बीच शनिवार तड़के इज़रायल ने ईरान पर बड़े पैमाने पर हमला करते हुए करीब 80 लड़ाकू विमानों से कई ठिकानों पर बमबारी की। रिपोर्टों के अनुसार तेहरान के मेहराबाद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भीषण आग लग गई। इज़रायली सेना का दावा है कि हमले में एक सैन्य अकादमी, भूमिगत कमांड सेंटर और मिसाइल भंडारण केंद्र को निशाना बनाया गया।
इसके जवाब में ईरान ने भी कई जगहों पर कार्रवाई की। यरुशलम समेत कई क्षेत्रों में सायरन बजने की खबरें आईं, जबकि दुबई, मनामा और रियाद के आसपास भी विस्फोटों की आवाजें सुनाई दीं। सऊदी अरब ने दावा किया कि उसने अपने एक एयरबेस की ओर बढ़ रही बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही मार गिराया।
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक अब तक इस युद्ध में कम से कम 926 नागरिकों की मौत हो चुकी है और करीब छह हजार लोग घायल हुए हैं। वहीं लेबनान में इज़रायली हमलों के कारण 200 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और लगभग तीन लाख लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं।
यह टकराव जल्द नहीं थमा तो इसका असर पूरे मध्य पूर्व के साथ-साथ वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात पर भी गंभीर रूप से पड़ सकता है। दुनिया भर की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह संघर्ष किस दिशा में आगे बढ़ता है।




