एबीसी नेशनल न्यूज | दुबई | 5 मार्च 2026
ईरान के हालिया मिसाइल हमलों के बाद संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का तेजी से बढ़ता प्रॉपर्टी बाजार अब पहली बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है। दुबई और अबू धाबी को लंबे समय से खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षित निवेश ठिकाने के रूप में देखा जाता रहा है, लेकिन मौजूदा युद्ध और सुरक्षा जोखिमों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
रियल एस्टेट क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में यूएई में प्रॉपर्टी बाजार में जबरदस्त उछाल आया था। दुबई और अबू धाबी में विदेशी निवेशकों, खासकर यूरोप, रूस और एशिया से आने वाले धन ने रियल एस्टेट सेक्टर को तेजी से आगे बढ़ाया। बड़े-बड़े आवासीय प्रोजेक्ट, लक्जरी अपार्टमेंट और ऊंची इमारतों के निर्माण की रफ्तार भी इसी विदेशी निवेश के सहारे बढ़ी।
लेकिन हाल ही में ईरान के मिसाइल हमलों के बाद खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। निवेशकों को अब यह चिंता सता रही है कि अगर क्षेत्रीय संघर्ष लंबा खिंचता है तो प्रॉपर्टी बाजार पर असर पड़ सकता है। कई निवेशकों ने नए सौदों को फिलहाल रोकने या टालने का फैसला किया है।
विश्लेषकों के मुताबिक यूएई का प्रॉपर्टी सेक्टर काफी हद तक विदेशी निवेश पर निर्भर है। खासकर दुबई में बड़ी संख्या में ऐसे खरीदार हैं जो विदेश से पैसा लाकर संपत्ति में निवेश करते हैं। अगर सुरक्षा को लेकर भरोसा कमजोर पड़ता है तो इस निवेश पर असर पड़ सकता है और बाजार की रफ्तार धीमी हो सकती है।
हालांकि यूएई सरकार और डेवलपर्स का कहना है कि देश की अर्थव्यवस्था मजबूत है और निवेशकों का भरोसा बनाए रखने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। उनका दावा है कि दुबई और अबू धाबी अभी भी वैश्विक निवेशकों के लिए आकर्षक और स्थिर बाजार बने रहेंगे।
फिलहाल पूरे खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव के बीच निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाते हैं और क्या यूएई का रियल एस्टेट बाजार इस संकट से उबर पाएगा।




