एबीसी नेशनल न्यूज़ | नई दिल्ली | 6 मार्च 2026
सर्वोच्च नेता की मौत और अमेरिका के लगातार बढ़ते दबाव के बीच ईरान अंतरराष्ट्रीय मंच पर काफी हद तक अकेला नजर आ रहा है। रिपोर्टों के मुताबिक ईरान के दो प्रमुख साझेदार रूस और चीन ने फिलहाल केवल कूटनीतिक स्तर पर चिंता और विरोध दर्ज कराया है, लेकिन किसी प्रत्यक्ष सैन्य या ठोस रणनीतिक समर्थन की घोषणा नहीं की है।
विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिका द्वारा ईरान के सैन्य ढांचे और रणनीतिक ठिकानों पर लगातार दबाव बनाए जाने के बाद तेहरान की स्थिति कमजोर हुई है। ऐसे समय में ईरान को उम्मीद थी कि उसके पारंपरिक सहयोगी रूस और चीन अधिक सक्रिय भूमिका निभाएंगे, लेकिन दोनों देशों ने अब तक केवल बयानबाज़ी तक ही खुद को सीमित रखा है।
रिपोर्टों के अनुसार रूस और चीन ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। हालांकि उन्होंने अमेरिका की कार्रवाई की आलोचना भी की है, लेकिन किसी ठोस हस्तक्षेप या सैन्य समर्थन का संकेत नहीं दिया।
पश्चिम एशिया के बदलते समीकरणों के बीच यह स्थिति ईरान के लिए कूटनीतिक चुनौती मानी जा रही है, क्योंकि क्षेत्रीय और वैश्विक ताकतों की भूमिका आने वाले दिनों में संकट की दिशा तय कर सकती है।




