एबीसी नेशनल न्यूज | तेहरान | 2 मार्च 2026
ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Ali Khamenei की मौत के बाद देश में अभूतपूर्व राजनीतिक और सामाजिक हलचल देखने को मिल रही है। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हवाई हमलों में तेहरान स्थित उनके परिसर को निशाना बनाया गया। 1 मार्च को ईरानी सरकारी मीडिया ने उनकी मौत की आधिकारिक पुष्टि की और देश में 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक तथा सात दिनों के सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की गई। लेकिन इस घटना ने ईरान की सड़कों पर दो बिल्कुल अलग तस्वीरें पेश की हैं। एक ओर हजारों लोग काले कपड़ों में शोक सभाओं में शामिल होकर अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ नारे लगा रहे हैं, तो दूसरी ओर कुछ शहरों में विरोधी समूहों ने इसे “नई शुरुआत” बताते हुए खुशी मनाई और शासन से जुड़े प्रतीकों को निशाना बनाया।
गल्ले दार में खुमैनी स्मारक गिराया गया
दक्षिणी ईरान के छोटे शहर गल्ले दार में प्रदर्शनकारियों ने इस्लामी गणराज्य के संस्थापक Ruhollah Khomeini के स्मारक को गिरा दिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दिखा कि लोग रस्सियों से मूर्ति को खींचते हैं, उसे गिराते हैं और चौराहे पर आग लगा देते हैं। भीड़ में मौजूद लोग तालियां बजाते और नारे लगाते नजर आए। एक व्यक्ति को यह कहते सुना गया, “क्या मैं सपना देख रहा हूं? नई दुनिया का स्वागत है!”
इसी तरह इलाम प्रांत के देहलोरान, तेहरान के पास कराज और खूज़ेस्तान के इज़ेह में भी शासन विरोधी प्रदर्शनों की खबरें सामने आई हैं। कुछ स्थानों पर लोगों ने सड़कों पर नाच-गाना कर जश्न मनाया, जिसे लंबे समय से दबे असंतोष की अभिव्यक्ति के रूप में देखा जा रहा है।
तेहरान में भारी शोक और बदले की मांग
राजधानी तेहरान के एंगेलाब स्क्वायर पर हजारों लोग जमा हुए। हाथों में खामेनेई के पोस्टर और काले झंडे लिए लोग रोते और दुआ करते नजर आए। राज्य टीवी पर शोक संदेश पढ़ते समय एंकर की आवाज भर्रा गई। कई समर्थकों ने इसे “राष्ट्रीय त्रासदी” बताया और बदला लेने की मांग की। एक छात्र ने कहा, “हम अपने इमाम के लिए जान देने को तैयार हैं। जो भी जिम्मेदार है, उसे कीमत चुकानी होगी।”
सत्ता और सुरक्षा की नई चुनौतियां
खामेनेई की मौत के बाद ईरान में एक अंतरिम परिषद बनाई गई है, जो नए सर्वोच्च नेता के चयन तक शासन संभालेगी। राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने इस घटना को “महान अपराध” बताया और कहा कि ईरान इसकी कड़ी प्रतिक्रिया देगा। क्षेत्र में पहले ही मिसाइल और ड्रोन हमलों की खबरें आ चुकी हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बयानबाज़ी तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी जनता से “अपना भविष्य खुद तय करने” की अपील की और किसी भी बड़े जवाबी हमले पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
विभाजित समाज, अनिश्चित भविष्य
विशेषज्ञों का मानना है कि खामेनेई की मौत ने ईरान में वर्षों से simmer कर रहे असंतोष को सतह पर ला दिया है। जनवरी 2026 में विरोध प्रदर्शनों पर कड़ी कार्रवाई के बाद भी नाराजगी खत्म नहीं हुई थी। अब देश दो भावनाओं के बीच बंटा दिख रहा है—एक तरफ शोक और धार्मिक निष्ठा, दूसरी तरफ बदलाव और विद्रोह की इच्छा।
ईरान में माहौल बेहद तनावपूर्ण है। सड़कों पर शोक, जश्न और सुरक्षा बलों की मौजूदगी साथ-साथ दिखाई दे रही है। आने वाले दिन यह तय करेंगे कि यह विभाजन राजनीतिक परिवर्तन में बदलेगा या और बड़े टकराव का कारण बनेगा।




