Home » National » मुंबई एयरपोर्ट पर इंडिगो विमान हादसे से बाल-बाल बचा

मुंबई एयरपोर्ट पर इंडिगो विमान हादसे से बाल-बाल बचा

Facebook
WhatsApp
X
Telegram

मुंबई 16 अगस्त 2025

मुंबई एयरपोर्ट पर शुक्रवार देर रात एक बड़ा हादसा टल गया जब इंडिगो एयरलाइंस का एयरबस A321 विमान लैंडिंग के दौरान ‘गो-अराउंड’ प्रक्रिया में टेल-स्ट्राइक (विमान की पूंछ रनवे से टकराना) का शिकार हो गया। विमान भारी बारिश और खराब मौसम की वजह से सुरक्षित तरीके से जमीन पर उतर नहीं पाया और पायलट ने दोबारा उड़ान भरने का फैसला लिया। इसी दौरान विमान की पूंछ रनवे से टकरा गई। हालांकि, गनीमत रही कि विमान में सवार सभी यात्री और चालक दल सुरक्षित रहे।

DGCA ने शुरू की जांच

नियमों के अनुसार, इस घटना की जानकारी तुरंत नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को दी गई। DGCA ने मामले की जांच के आदेश जारी किए हैं और विमान को फिलहाल ग्राउंड कर दिया गया है। जांच टीम यह पता लगाएगी कि टेल-स्ट्राइक के पीछे क्या कारण रहे — क्या यह पायलट की गलती थी, खराब मौसम का असर था या फिर किसी तकनीकी वजह से यह हादसा हुआ। एयरलाइंस की ओर से भी आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है।

यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि

इंडिगो ने बयान जारी कर कहा कि विमान को लैंडिंग के दौरान भारी बारिश और हवा का सामना करना पड़ा। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पायलट ने ‘गो-अराउंड’ की प्रक्रिया अपनाई। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि सभी यात्रियों और क्रू मेंबर्स को सुरक्षित उतार दिया गया है और किसी को भी चोट नहीं लगी। एयरलाइन ने यात्रियों से असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

यह कोई पहली बार नहीं है जब इंडिगो के विमान टेल-स्ट्राइक का शिकार हुए हैं। पिछले कुछ वर्षों में कई बार अलग-अलग एयरपोर्ट्स पर ऐसी घटनाएं दर्ज की गई हैं। एविएशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि लगातार बढ़ते हवाई ट्रैफिक और बदलते मौसम की परिस्थितियों में पायलटों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। ऐसे मामलों की संख्या बढ़ने से यात्रियों में चिंता का माहौल बनता है और यह एयरलाइंस की सुरक्षा छवि पर भी असर डाल सकता है।

सुरक्षा मानकों पर उठ रहे सवाल

यह घटना फिर से भारत के एविएशन सेक्टर की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करती है। मुंबई जैसे व्यस्त एयरपोर्ट पर लगातार खराब मौसम और ट्रैफिक दबाव के बीच पायलटों के लिए जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। एविएशन विशेषज्ञों का मानना है कि एयरलाइंस को प्रशिक्षण, तकनीकी जांच और आपातकालीन प्रक्रियाओं पर ज्यादा ध्यान देना होगा ताकि यात्रियों की सुरक्षा से कभी समझौता न हो।

 

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments