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भारत का सबसे बड़ा ‘मेगा टिंकरिंग डे’ – 10,000 स्कूलों के 4.73 लाख छात्रों ने एक साथ किया नवाचार का नया रिकॉर्ड

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भारत में नवाचार और शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज करते हुए अटल इनोवेशन मिशन (AIM), नीति आयोग ने आज देश का अब तक का सबसे बड़ा स्कूल-आधारित ‘मेगा टिंकरिंग डे’ आयोजित किया। इस वर्चुअल और राष्ट्रव्यापी आयोजन में 35 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के 10,000 से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स (ATL) से 4,73,350 छात्रों ने एक साथ भाग लिया। सभी छात्रों ने अपने-अपने स्कूलों में मौजूद संसाधनों का उपयोग कर रोज़मर्रा की वस्तुओं से ‘DIY वैक्यूम क्लीनर’ तैयार किया। यह प्रोजेक्ट एक लाइव ऑनलाइन सत्र के जरिए चरणबद्ध तरीके से संचालित किया गया, जिससे देशभर के छात्र एक ही समय पर सीखते, डिजाइन करते और निर्माण करते नजर आए।

इस महाआयोजन की खासियत यह रही कि इसमें देश के कोने-कोने से छात्र जुड़े—उत्तर में लेह, लद्दाख, कारगिल और कश्मीर से लेकर, पूर्वोत्तर के मणिपुर, मिज़ोरम, अरुणाचल प्रदेश, दक्षिण में कन्याकुमारी, पश्चिम में भुज और कच्छ, और यहां तक कि आकांक्षी ज़िलों के सुदूर गांवों से भी बच्चों ने समान उत्साह के साथ हिस्सा लिया। AIM की टीम ने भी छात्रों के साथ मिलकर वैक्यूम क्लीनर का निर्माण किया, जिससे यह आयोजन केवल एक शैक्षणिक गतिविधि नहीं बल्कि एक सामूहिक राष्ट्रीय नवाचार आंदोलन बन गया।

अटल इनोवेशन मिशन के मिशन निदेशक दीपक बगला ने इस अवसर पर कहा, “प्रधानमंत्री के विकसित भारत के विज़न के अनुरूप, जहां नवाचार और युवा राष्ट्रीय परिवर्तन की प्रमुख ताकत हैं, ‘मेगा टिंकरिंग डे 2025’ इस बात का सशक्त उदाहरण है कि जमीनी स्तर पर नवाचार किस तरह सामूहिक रचनात्मकता को जन्म देता है। एक ही घंटे में 10,000 से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स का एक साथ जुड़ना, लाखों छात्रों का एक साथ सीखना और निर्माण करना—यह विश्व में कहीं और नहीं हुआ है। यह भारत का क्षण है दुनिया को यह दिखाने का कि हमारे युवा दिमाग सिर्फ देश के लिए नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए समाधान गढ़ सकते हैं।”

AIM की स्थापना के बाद से देशभर में 10,000 से अधिक अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित की जा चुकी हैं, जिनमें छात्रों को 3D प्रिंटर, रोबोटिक्स किट, IoT उपकरण और अन्य आधुनिक तकनीकी साधनों तक पहुंच दी जाती है। इन लैब्स का उद्देश्य मिडिल और हाई स्कूल के छात्रों को व्यावहारिक शिक्षा, समस्या समाधान और रचनात्मक सोच के अवसर प्रदान करना है।

‘मेगा टिंकरिंग डे’ ने न सिर्फ छात्रों को एक प्रोजेक्ट बनाने का मौका दिया, बल्कि नए शैक्षणिक सत्र की टिंकरिंग गतिविधियों की शुरुआत भी की। इसने छात्रों, शिक्षकों, मेंटर्स, उच्च शिक्षा संस्थानों और उद्योग जगत को एक साझा मंच पर लाकर नवाचार की एक राष्ट्रीय ऊर्जा को जन्म दिया। AIM का यह प्रयास साबित करता है कि भविष्य वास्तव में आज हमारी कक्षाओं में ही बन रहा है—उन बच्चों के हाथों में, जो आने वाले कल के इनोवेटर और उद्यमी बनने वाले हैं।

 

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