एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 4 मार्च 2026
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश के पास लगभग 8 हफ्तों का कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। इससे पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की आपूर्ति पर फिलहाल किसी प्रकार का संकट नहीं है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, भारत ने अपने सामरिक भंडार और तेल कंपनियों के पास मौजूद स्टॉक को मिलाकर पर्याप्त व्यवस्था कर रखी है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद देश में आपूर्ति व्यवस्था सामान्य बनी हुई है।
ऊर्जा मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि तेल आयात करने वाले देशों के साथ भारत के दीर्घकालिक समझौते हैं। ऐसे में किसी एक क्षेत्र में तनाव बढ़ने से आपूर्ति पूरी तरह प्रभावित नहीं होगी। भारत ने पिछले कुछ वर्षों में तेल आयात के स्रोतों में भी विविधता लाई है, जिससे जोखिम कम हुआ है।
मध्य पूर्व में जारी हालात के कारण वैश्विक बाजार में अनिश्चितता जरूर बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर असर पड़ सकता है। हालांकि सरकार का दावा है कि देश की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त रणनीतिक तैयारी पहले से की गई है।
तेल विपणन कंपनियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त आयात और वैकल्पिक मार्गों से आपूर्ति सुनिश्चित करने की योजना तैयार है।
कुल मिलाकर, मौजूदा परिस्थितियों में भारत की ऊर्जा व्यवस्था स्थिर दिखाई दे रही है और आम आदमी को घबराने की आवश्यकता नहीं है। सरकार ने भरोसा दिलाया है कि पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और पीएनजी की आपूर्ति सामान्य बनी रहेगी।




