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इंडिया गठबंधन ने उपराष्ट्रपति चुनाव लड़ने का किया फैसला, सरकार को वॉकओवर नहीं देगा विपक्ष

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नई दिल्ली, 8 अगस्त 2025

लगभग 14 महीनों के लंबे अंतराल के बाद पहली बार आमने-सामने हुई INDIA गठबंधन की बैठक में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक निर्णय लिया गया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा आयोजित डिनर मीटिंग के दौरान गठबंधन के शीर्ष नेताओं ने सर्वसम्मति से यह तय किया कि भले ही संख्या बल उनके पक्ष में न हो, लेकिन वे आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव में सरकार को बिना मुकाबले जीतने का मौका नहीं देंगे। यह फैसला उस सोच को दर्शाता है जिसमें विपक्ष लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को केवल संख्या नहीं, सिद्धांत और संघर्ष का विषय मानता है।

राहुल गांधी की मेज़बानी में आयोजित इस बैठक में शामिल INDIA गठबंधन के नेताओं ने एक स्वर में कहा कि वे इस चुनावी प्रक्रिया में भागीदारी करके सत्ता पक्ष को चुनौती देना चाहते हैं। भले ही जीत की संभावना कम हो, लेकिन एक मजबूत विपक्ष की भूमिका सिर्फ संसदीय आंकड़ों से तय नहीं होती, बल्कि जनभावनाओं और लोकतांत्रिक जिम्मेदारियों से तय होती है।

गौरतलब है कि इस बैठक के आयोजन से एक दिन पहले ही भारत निर्वाचन आयोग ने उपराष्ट्रपति चुनाव की अधिसूचना जारी की थी। इसके तहत नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 21 अगस्त 2025 रखी गई है। ऐसे में INDIA गठबंधन की यह सक्रियता दर्शाती है कि वह 2024 के लोकसभा चुनावों में हुए कथित “बड़े पैमाने पर चुनावी धांधली” के आरोपों के बाद अब हर संवैधानिक मोर्चे पर सरकार को कठघरे में खड़ा करने के लिए तैयार है।

बैठक में शामिल नेताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि यह चुनाव उनके लिए महज़ औपचारिकता नहीं, बल्कि लोकतंत्र की रक्षा और राजनीतिक नैतिकता की पुनर्स्थापना का अवसर है। एक वरिष्ठ नेता ने बैठक के बाद कहा, “हमें पता है कि यह चुनाव जीतना आसान नहीं है, लेकिन हम बिना लड़े हार मानने वालों में से नहीं हैं। यह लड़ाई सिर्फ वोट की नहीं, विचारों की है।”

राहुल गांधी ने इस अवसर पर कहा कि विपक्ष की यह एकजुटता बताती है कि लोकतंत्र को एकतरफा सत्ता नहीं, बल्कि सवाल करने वाले प्रतिनिधियों की ज़रूरत है। यह पहल INDIA गठबंधन की रणनीतिक सक्रियता को दर्शाती है जो आगामी राष्ट्रपति और राज्यसभा चुनावों से पहले एक बड़े विपक्षी खेमे को लामबंद कर सकती है।

अब सभी की निगाहें INDIA गठबंधन के उस प्रत्याशी पर टिकी हैं, जिसे वे उपराष्ट्रपति चुनाव में उतारेंगे। भले ही सरकार के पास बहुमत हो, लेकिन यह तय है कि इस बार मुकाबला एकतरफा नहीं होगा। INDIA गठबंधन ने संदेश दे दिया है कि लोकतंत्र में हार-जीत से ज्यादा अहम भागीदारी और प्रतिरोध होता है।

 

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