एबीसी नेशनल न्यूज | नई दिल्ली | 10 मार्च 2026
रमज़ान की रौशन शाम में सजी सियासत और सद्भाव की महफिल
रमज़ान के मुकद्दस महीने की एक खूबसूरत शाम दिल्ली की सियासत में यादगार बन गई, जब कांग्रेस के राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी के आवास पर रोज़ा इफ्तार की एक खास महफिल सजी। यह सिर्फ एक इफ्तार दावत नहीं थी, बल्कि मुहब्बत, भाईचारे और सामाजिक एकता का ऐसा जश्न था, जहां सियासत के बड़े चेहरे एक ही दस्तरखान पर नजर आए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने इस शाम को और भी खास बना दिया। रमज़ान की बरकतों के बीच सजे इस आयोजन ने राजधानी की राजनीतिक हलचल में एक अलग ही सकारात्मक रंग घोल दिया।
जब राहुल गांधी ने खुद किया खड़गे का स्वागत
इस इफ्तार की सबसे चर्चित तस्वीर वह रही जब राहुल गांधी खुद गेट तक पहुंचे और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का गर्मजोशी से स्वागत किया। यह दृश्य न केवल मेहमाननवाज़ी की झलक दिखा रहा था, बल्कि पार्टी के भीतर सम्मान और एकजुटता की भी तस्वीर पेश कर रहा था। जैसे ही यह पल कैमरों में कैद हुआ, सोशल मीडिया पर तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं और लोगों ने इसे कांग्रेस नेतृत्व की आपसी सौहार्द और तालमेल का प्रतीक बताया। कई राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने भी इसे उस तस्वीर के रूप में देखा, जहां सियासत से अधिक रिश्तों की गर्माहट दिखाई दे रही थी।
एक दस्तरखान, कई चेहरे और साझा दुआएं
इमरान प्रतापगढ़ी के आवास पर सजे इस इफ्तार में राजनीति के कई जाने-माने चेहरे मौजूद थे। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव, वरिष्ठ नेता सचिन पायलट और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सहित कई सांसद और नेता इस महफिल में शामिल हुए। इफ्तार के वक्त जब सब एक साथ बैठे और खजूर से रोज़ा खोला तो माहौल में एक अलग ही अपनापन दिखाई दे रहा था। बातचीत, मुस्कुराहट और दुआओं के बीच यह शाम केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि एक साझा मानवीय अनुभव बन गई, जहां हर शख्स ने रमज़ान की रूहानियत को महसूस किया।
इमरान प्रतापगढ़ी बोले—यह सिर्फ इफ्तार नहीं, मुहब्बत का पैगाम
मेजबान इमरान प्रतापगढ़ी ने इस मौके पर सभी मेहमानों का दिल से शुक्रिया अदा किया और कहा कि रमज़ान का महीना इंसानियत, सब्र और मोहब्बत का पैगाम लेकर आता है। उन्होंने कहा कि ऐसी महफिलें समाज में रिश्तों को मजबूत करने और दिलों को करीब लाने का काम करती हैं। प्रतापगढ़ी ने इसे “सांसद साथियों के साथ यादगार इफ्तार” बताते हुए सभी को रमज़ान की मुबारकबाद दी और कहा कि यह शाम केवल इबादत का हिस्सा नहीं बल्कि भाईचारे और साझी विरासत का उत्सव भी है।
सियासत से ऊपर उठकर दिखी एकता की तस्वीर
दिल्ली की राजनीतिक हलचल के बीच यह इफ्तार एक अलग ही तस्वीर पेश करता नजर आया। जहां आमतौर पर राजनीतिक मंचों पर तीखी बहस, बयानबाज़ी और आरोप-प्रत्यारोप दिखाई देते हैं, वहीं इस शाम नेताओं ने सियासी मतभेदों से ऊपर उठकर एक साथ बैठकर इफ्तार किया। इस महफिल ने यह संदेश दिया कि लोकतंत्र की असली ताकत संवाद, सद्भाव और साझा मूल्यों में छिपी होती है।
इफ्तार की शाम, मुहब्बत के जश्न के नाम
रमज़ान की इस रौशन शाम ने एक बार फिर याद दिलाया कि इफ्तार सिर्फ रोज़ा खोलने की रस्म नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने का अवसर भी है। जब लोग एक साथ बैठकर दुआ करते हैं और खुशियां साझा करते हैं, तो समाज में भाईचारे और एकता की नई रोशनी फैलती है। इसी एहसास के साथ यह शाम सचमुच इफ्तार की शाम—मुहब्बत के जश्न के नाम बन गई।







