राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 25 मार्च 2026
रसोई गैस को लेकर केंद्र सरकार का रुख अब पहले से कहीं ज्यादा सख्त नजर आ रहा है। ताजा नियमों और संकेतों के मुताबिक, जिन इलाकों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सुविधा पहुंच चुकी है, वहां रहने वाले लोगों को धीरे-धीरे LPG सिलेंडर से दूरी बनानी पड़ सकती है। सरकार ने साफ कर दिया है कि गैस वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित और संतुलित बनाने के लिए अब प्राथमिकता PNG को दी जाएगी। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर आपके इलाके में पाइप गैस उपलब्ध है और आपने फिर भी कनेक्शन नहीं लिया, तो आने वाले समय में LPG सप्लाई जारी रहना मुश्किल हो सकता है।
दरअसल, सरकार का यह फैसला सिर्फ एक तकनीकी बदलाव नहीं बल्कि एक बड़ी नीति का हिस्सा है, जिसके जरिए देश में गैस खपत के पैटर्न को बदला जा रहा है। LPG सिलेंडर की सप्लाई सीमित है और इसे देश के उन हिस्सों तक पहुंचाना जरूरी है, जहां आज भी पाइप गैस का नेटवर्क नहीं पहुंच पाया है। ऐसे में जिन शहरों और कॉलोनियों में PNG की सुविधा मौजूद है, वहां सिलेंडर की जरूरत कम करने की कोशिश की जा रही है। सरकार चाहती है कि शहरों में रहने वाले लोग पाइप गैस अपनाएं ताकि ग्रामीण और दूरदराज इलाकों में रहने वाले लोगों को बिना किसी परेशानी के LPG मिल सके।
नई व्यवस्था के तहत यह भी स्पष्ट किया गया है कि एक ही घर में PNG और LPG दोनों कनेक्शन लंबे समय तक साथ नहीं चलेंगे। यानी अगर आपने PNG कनेक्शन ले लिया, तो आपको LPG कनेक्शन सरेंडर करना होगा। वहीं, अगर आप PNG की सुविधा होने के बावजूद इसे नजरअंदाज करते हैं, तो भविष्य में आपकी LPG सप्लाई को सीमित या बंद करने जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। यह बदलाव धीरे-धीरे लागू किया जाएगा, लेकिन संकेत साफ हैं कि सरकार अब दोहरी व्यवस्था को खत्म करने के मूड में है।
इस फैसले के पीछे एक और बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय हालात भी हैं। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईंधन आपूर्ति पर पड़ रहे दबाव के कारण भारत जैसे बड़े देश के लिए LPG की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में PNG, जो पाइपलाइन के जरिए सीधे घरों तक पहुंचती है, एक ज्यादा स्थिर और भरोसेमंद विकल्प के रूप में सामने आ रही है। सरकार इसे भविष्य की गैस व्यवस्था मानकर तेजी से विस्तार कर रही है।
आम आदमी के लिए इसका मतलब साफ है—अगर आपके इलाके में PNG लाइन बिछ चुकी है, तो अब इंतजार करना या टालना महंगा पड़ सकता है। आज जो विकल्प लग रहा है, वह कल अनिवार्यता बन सकता है। ऐसे में समय रहते PNG कनेक्शन लेना ही समझदारी होगी, वरना रसोई में गैस सिलेंडर की उपलब्धता अचानक रुकना भी कोई बड़ी बात नहीं रह जाएगी। सरकार का यह कदम आने वाले समय में देश की रसोई व्यवस्था को पूरी तरह बदल सकता है, जहां सिलेंडर की जगह पाइप से आने वाली गैस आम बात होगी।




