अंतरराष्ट्रीय डेस्क 20 दिसंबर 2025
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने युद्ध और शांति को लेकर एक अहम बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर पश्चिमी देश रूस के साथ सम्मान और बराबरी का व्यवहार करें, तो रूस को आगे किसी भी युद्ध की जरूरत नहीं पड़ेगी।
पुतिन ने साफ शब्दों में कहा कि रूस टकराव नहीं चाहता, लेकिन उसे बार-बार नजरअंदाज किया गया और दबाव में रखा गया। उनका कहना है कि जब किसी देश की सुरक्षा चिंताओं को अनसुना किया जाता है, तब हालात बिगड़ते हैं और टकराव की नौबत आती है।
उन्होंने यह भी कहा कि रूस हमेशा बातचीत और कूटनीति के पक्ष में रहा है। लेकिन पश्चिमी देशों ने रूस को कमजोर करने, उसे घेरने और उसकी बात न सुनने की नीति अपनाई। पुतिन के मुताबिक, अगर पश्चिम अब भी रास्ता बदले और रूस को दुश्मन नहीं बल्कि एक सम्मानजनक साझेदार माने, तो दुनिया को युद्ध से बचाया जा सकता है।
यूक्रेन युद्ध का जिक्र करते हुए पुतिन ने कहा कि यह लड़ाई रूस की पसंद नहीं थी, बल्कि हालात ने उसे इस दिशा में धकेल दिया। उन्होंने दोहराया कि रूस अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा, लेकिन शांति के लिए बातचीत के दरवाजे खुले हैं।
पुतिन का यह बयान ऐसे समय आया है, जब दुनिया पहले ही युद्ध, तनाव और अस्थिरता से थकी हुई है। उनके शब्दों में यह संदेश साफ था—टकराव की जगह सम्मान और संवाद हो, तो जंग की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।
अब सबकी नजर इस पर है कि पश्चिमी देश इस बयान को कैसे लेते हैं—क्या बातचीत का रास्ता खुलेगा या तनाव यूं ही बना रहेगा।




