गुंजन कुमार । हैदराबाद 11 दिसंबर 2025
तेलंगाना राइजिंग ग्लोबल समिट 2024 में जहाँ बड़े निवेश और भविष्य की नीतियों पर चर्चाएँ केंद्र में रहीं, वहीं इसी मंच पर एक ऐसा मानवीय पल भी दर्ज हुआ जिसने लोगों का दिल जीत लिया। मेगास्टार चिरंजीवी और उद्योगपति आनंद महिंद्रा की मुलाकात न सिर्फ सौहार्दपूर्ण रही, बल्कि दोनों ने एक-दूसरे के व्यक्तित्व की खुलकर प्रशंसा करते हुए सोशल मीडिया पर ऐसा आदान-प्रदान किया, जो एक मिसाल बन गया।
चिरंजीवी ने आनंद महिंद्रा को संबोधित करते हुए लिखा कि उनकी विनम्रता, सरलता और ज़मीन से जुड़े रहने का स्वभाव अत्यंत प्रेरक है। उन्होंने कहा कि महिंद्रा उन्हें रतन टाटा जैसे महान व्यक्तित्व की याद दिलाते हैं—जो अपने मूल्यों, कर्म और चरित्र की वजह से महानता हासिल करते हैं। चिरंजीवी ने उनकी परोपकारी पहलों की भी प्रशंसा की और कहा कि ऐसे सार्थक कार्यों में उनके साथ जुड़ना उनके लिए सम्मान की बात होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने इस मुलाकात को संभव बनाया।
आनंद महिंद्रा ने भी चिरंजीवी के प्रति समान सम्मान व्यक्त किया। उन्होंने लिखा कि तेलंगाना राइजिंग ग्लोबल समिट में शामिल होना उनके लिए गर्व की बात थी, लेकिन उससे भी ज्यादा सुखद आश्चर्य यह रहा कि आखिरकार उन्हें मेगास्टार चिरंजीवी से मिलने का मौका मिला। महिंद्रा ने चिरंजीवी को “लीजेंड” बताते हुए कहा कि उनकी सबसे बड़ी खूबी उनकी विनम्रता और सीखने की जिज्ञासा है। उन्होंने लिखा कि किसी भी क्षेत्र में—चाहे वह फ़िल्म हो, बिज़नेस हो या नीति—सफलता की नींव दो गुणों पर टिकी होती है: सीखने की जिज्ञासा और सुनने की विनम्रता, और चिरंजीवी इन दोनों के साक्षात उदाहरण हैं।
यह संवाद उस समय सामने आया है जब तेलंगाना बड़े निवेश, स्टार्टअप बूम और विज़न 2047 की महत्वाकांक्षी योजनाओं के साथ देश के विकास मानचित्र पर तेजी से उभर रहा है। ऐसे में दो अलग-अलग क्षेत्रों के प्रतिष्ठित व्यक्तियों का एक-दूसरे के प्रति सम्मान व्यक्त करना न सिर्फ प्रेरक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि नेतृत्व, कला और उद्योग—तीनों का केंद्रबिंदु अंततः मानवीय मूल्य ही होते हैं।





