एबीसी नेशनल न्यूज | हांगकांग | 9 फरवरी 2026
हांगकांग में लोकतंत्र समर्थक मीडिया जगत की एक बड़ी आवाज़ को आज निर्णायक झटका लगा। प्रख्यात मीडिया कारोबारी और लोकतंत्र समर्थक नेता Jimmy Lai को राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के एक चर्चित मामले में 20 साल की जेल की सज़ा सुनाई गई है। 78 वर्षीय जिमी लाई पिछले दो वर्षों से अधिक समय तक चले ट्रायल का सामना कर रहे थे, जिस पर पूरी दुनिया की नज़रें टिकी हुई थीं।
जिमी लाई, जो कभी लोकप्रिय अख़बार Apple Daily के संस्थापक रहे हैं, को दिसंबर में अदालत ने “विदेशी ताक़तों से मिलीभगत” और “देशद्रोही सामग्री प्रकाशित करने” का दोषी ठहराया था। ये आरोप हांगकांग राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून के तहत लगाए गए थे, जिसे बीजिंग ने वर्ष 2020 में हांगकांग पर लागू किया था। इस क़ानून को शुरू से ही अभिव्यक्ति की आज़ादी पर प्रहार माना जाता रहा है।
अदालत में जिमी लाई ने सभी आरोपों से इनकार किया और खुद को राजनीतिक क़ैदी बताया। उनका कहना था कि उन्होंने केवल प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों की पैरवी की है, न कि किसी विदेशी साज़िश का हिस्सा बने हैं। हालांकि अदालत ने उनके तर्कों को स्वीकार नहीं किया।
बीमार और उम्रदराज़ जिमी लाई की सज़ा पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जताई गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर जैसे नेताओं की ओर से मानवीय आधार पर नरमी की अपीलें भी सामने आई थीं, लेकिन हांगकांग की अदालत ने उन पर कोई असर नहीं होने दिया।
मानवाधिकार संगठनों और प्रेस स्वतंत्रता के समर्थकों का कहना है कि जिमी लाई को दी गई सज़ा हांगकांग में असहमति की आवाज़ों को कुचलने का प्रतीक है। उनका आरोप है कि राष्ट्रीय सुरक्षा क़ानून का इस्तेमाल पत्रकारों, कार्यकर्ताओं और सरकार के आलोचकों को चुप कराने के लिए किया जा रहा है।
जिमी लाई का यह मामला अब सिर्फ़ एक व्यक्ति की सज़ा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसे हांगकांग में लोकतंत्र, प्रेस की आज़ादी और कानून के भविष्य से जोड़कर देखा जा रहा है।




