राष्ट्रीय / राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 7 अप्रैल 2026
कांग्रेस और असम सरकार के बीच सियासी टकराव एक बार फिर तेज हो गया है। इस बार कांग्रेस की सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म चेयरपर्सन Supriya Shrinate ने असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं, लेकिन इन आरोपों का जवाब देने के बजाय वे अभद्र भाषा और व्यक्तिगत टिप्पणियों का सहारा ले रहे हैं।
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि कांग्रेस नेता Pawan Khera ने तथ्यों और सबूतों के साथ अपनी बात सार्वजनिक रूप से रखी है। ऐसे में लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह अपेक्षा की जाती है कि आरोपों का जवाब तथ्यों के आधार पर दिया जाए। लेकिन उनके अनुसार, हिमंता बिस्वा सरमा इस पर चुप्पी साधने के बजाय “गंदी-गंदी गालियां” दे रहे हैं, जो एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के लिए उचित नहीं है।
उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि असम पुलिस की गतिविधियां दिल्ली तक क्यों पहुंच रही हैं और इसका उद्देश्य क्या है। सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि क्या यह किसी को डराने या दबाव बनाने की कोशिश है? उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए कहा कि सत्ता का इस्तेमाल इस तरह से नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक, अगर आरोप गलत हैं तो मुख्यमंत्री को खुलकर सफाई देनी चाहिए, लेकिन यदि वे जवाब देने से बच रहे हैं तो इससे संदेह और गहरा होता है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने यह भी कहा कि असम की जनता इन आरोपों से अनजान नहीं है और आने वाले समय में इसका राजनीतिक असर देखने को मिलेगा। उन्होंने 9 अप्रैल का जिक्र करते हुए कहा कि उस दिन “हिसाब होगा”, जिससे साफ संकेत मिलता है कि पार्टी इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाने की तैयारी में है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री की हालिया बयानबाजी और आक्रामक रवैया यह दर्शाता है कि वे दबाव में हैं और आरोपों को लेकर घिरते नजर आ रहे हैं।
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि एक मुख्यमंत्री का पद गरिमा और जिम्मेदारी का होता है। ऐसे में व्यक्तिगत हमले और अशोभनीय भाषा न केवल पद की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं, बल्कि जनता के बीच गलत संदेश भी देते हैं। उन्होंने दोहराया कि मुद्दे से भटकने के बजाय हिमंता बिस्वा सरमा को सीधे तौर पर लगाए गए आरोपों का जवाब देना चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।




