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हेल्दी फूड से जुड़ी आदतें बदल रही हैं भारत में: अब ‘गट हेल्थ’ और ‘फर्मेंटेड फूड्स’ की हो रही है मांग

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नई दिल्ली

 2 अगस्त 2025 

अब भारतीय शहरी आबादी सिर्फ कैलोरी गिनने तक सीमित नहीं रह गई है। वर्ष 2025 की लाइफस्टाइल में ‘गट हेल्थ’ (आंतों का स्वास्थ्य) और फर्मेंटेड फूड्स एक बड़ा ट्रेंड बन चुके हैं।

दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, और अहमदाबाद जैसे शहरों में बड़ी संख्या में लोग अब अपने खानपान में प्रोबायोटिक तत्व शामिल करने लगे हैं। दही, कांजी, किमची, सौकरक्रॉट, और एपल साइडर विनेगर जैसी चीज़ें सुपरमार्केट में अब विशेष शेल्फ स्पेस घेरने लगी हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि गट हेल्थ (आंतों की सेहत) का सीधा संबंध मानसिक स्थिति, नींद, और रोग प्रतिरोधक क्षमता से है। यही कारण है कि अब लोग अपनी थाली में स्वाद से ज्यादा स्वास्थ्य को प्राथमिकता दे रहे हैं।

खासकर 20 से 40 वर्ष की उम्र के बीच के युवा हेल्थ कांशस हो गए हैं। स्ट्रेस, थकान, और डाइजेस्टिव समस्याओं से जूझ रहे प्रोफेशनल्स अब सुबह की शुरुआत ‘गोल्डन वाटर’, ‘फाइबर-रिच ब्रेकफास्ट’, और रात को ‘किण्वित पेय’ के साथ कर रहे हैं।

स्वस्थ जीवनशैली को लेकर इतना उत्साह है कि खाद्य स्टार्टअप्स अब ‘फर्मेंटेड फूड डिलीवरी बॉक्स’, ‘गट क्लीन डाइट प्लान’, और ‘प्रोबायोटिक शॉट्स’ जैसी सेवाएं देने लगे हैं।

डॉक्टरों का कहना है कि ये बदलाव सिर्फ ट्रेंड नहीं बल्कि लंबी उम्र और जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। धीरे-धीरे यह आदतें बच्चों और बुजुर्गों में भी फैल रही हैं।

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