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हल्द्वानी सुलगा: अफवाह पर भीड़ का हमला, शहर दहला

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हल्द्वानी 17 नवंबर 2025

हल्द्वानी में रविवार रात उस समय भारी तनाव फैल गया जब सोशल मीडिया पर यह अफवाह तेजी से फैल गई कि एक स्कूल के गेट के पास मंदिर के समीप एक बछड़े का सिर पड़ा मिला है। कुछ ही मिनटों में यह खबर बानभूलपुरा इलाके में उग्र रूप लेती गई और देखते ही देखते 40–50 लोगों की भीड़ सड़कों पर उतर आई। उन्होंने दुकानों, वाहनों और अल्पसंख्यक समुदाय की कई संपत्तियों पर हमला कर दिया। रात में कई क्षेत्रों में पथराव, लूट और हिंसा की खबरें आईं। हल्द्वानी शहर में सोमवार सुबह तक भारी पुलिस बल तैनात रहा, जिससे स्थिति नियंत्रण में लाई जा सके। यह घटना सिर्फ अफवाहों के खतरे का एक उदाहरण नहीं, बल्कि यह बताती है कि किसी संवेदनशील इलाके में एक छोटी-सी सूचना भी कितना बड़ा सामाजिक विस्फोट पैदा कर सकती है।

पुलिस की प्रारंभिक जांच ने इस मामले का एक बिल्कुल अलग पहलू उजागर किया। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, एक कुत्ता जंगल की ओर से पशु-अवशेष खींचकर लाया था। वनक्षेत्र के भीतर किसी मवेशी ने जन्म दिया था और उसके बाद अवशेष खुले क्षेत्र में खींचे गए—जिसे कुछ लोगों ने गलत संदर्भ में पेश कर दिया। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पर फैली गलत सूचना ने भीड़ को भड़काने में सबसे अहम भूमिका निभाई। हालांकि तथ्यों ने अफवाह को झूठा साबित कर दिया, लेकिन तब तक भीड़ हरकत में आ चुकी थी। पुलिस ने हालात बिगड़ने पर लाठीचार्ज किया और भीड़ को तितर-बितर किया। अभी तक सात लोगों को BNSS की धारा 172 के तहत प्रिवेंटिव डिटेंशन में लिया गया है, और 40–50 अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

हिंसा की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि FIR में दर्ज विवरण के अनुसार उपद्रवियों ने शमा रेस्टोरेंट और आसपास की दुकानों पर धावा बोला, पथराव किया, सड़कों पर खड़ी गाड़ियों को तोड़ डाला और राह चलते लोगों को पीटा। उन्हें “हत्या की धमकी” देने तक के आरोप दर्ज हैं। हल्द्वानी पहले भी विवादों और कानून-व्यवस्था की चुनौती का केंद्र बन चुका है—जिला पंचायत सदस्यों के अपहरण और नाबालिग पर हमले के बाद हुए दंगों को लेकर हाई कोर्ट पहले ही प्रशासन की सख्त आलोचना कर चुका है। इस नए मामले ने फिर एक बार दिखा दिया कि शहर सांप्रदायिक तनाव और अफवाहों के प्रति कितना संवेदनशील है, और प्रशासन के सामने शांति बहाली की चुनौती कितनी भारी है। शहर में अब भी भारी पुलिस बल तैनात है और फोरेंसिक टीम अवशेषों की जांच कर रही है ताकि मामले को आखिरी रूप से स्पष्ट किया जा सके।

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